UP MLC Chunav 2022: एमएलसी चुनाव की उम्मीदवारी भी सपा के लिए बनी सिरदर्द

पॉलिटिक्सUP MLC Chunav 2022: एमएलसी चुनाव की उम्मीदवारी भी सपा के लिए...

Date:

समाजवादी पार्टी के लिए जैसे तैसे करके लोकसभा उपचुनावों की उम्मीदवारी का मामला हल हुआ लेकिन अब एमएलसी चुनाव में भी वही सिरदर्द फिर पैदा हो गया है, किसको बनाऊं और किसको बिठाऊँ, सीटें चार और दावेदार 40 वाली बात। किसे अडजस्ट करूँ और किसे इंतज़ार करवाऊं, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के लिए लोकसभा के उम्मीदवारों को चुनने से भी कठिन काम है यह। 

Also read: रामपुर में तज़ीन फ़ातिमा की जगह अब आसिम रज़ा

विधान सभा में विधायकों की संख्या के ऐतबार से समाजवादी पार्टी अपने चार लोगों को विधान परिषद् भेज सकती है. बता दें कि इसमें सहयोगी दलों का सहयोग भी ज़रूरी है। कल तक सपा की ओर से स्वामी प्रसाद मौर्या और सोबरन सिंह यादव का नाम फाइनल था लेकिन इन दोनों को अभी नामांकन करने से रोक दिया गया है। अगर इन दोनों का नाम पक्का समझें तो बचे दो नामों के लिए दावेदार बहुत हैं, एक लम्बी लाइन है जिसमें ओम प्रकाश राजभर के सुपुत्र अरविन्द राजभर, कांग्रेस से सपा में आये इमरान मसूद, सुनील साजन, राम गोविन्द चौधरी, अम्बिका चौधरी, उदयवीर सिंह, राजपाल कश्यप और जासमीन अंसारी समेत और बहुत से नाम हैं, इस लिस्ट में दलित वर्ग से सुशील आनंद का नाम भी शामिल है जो दो दिन पहले तक आज़मगढ़ से सपा के उम्मीदवार थे।

Also read:  यूपी STF के हत्थे चढ़ा कानपूर हिंसा का मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी

इतने ढेर सारे नामों में किन्ही दो या तीन का चुनाव करना अखिलेश यादव के लिए बड़े धर्मसंकट का मामला है, यह सारे नाम अखिलेश के करीबियों के हैं और एमएलसी के लिए मज़बूत दावेदार भी। वहीँ स्वामी प्रसाद मौर्या और सोबरन यादव के नामांकन को फिलहाल रोकने पर भी लोग कई तरह की आशंकाएं जताने  लगे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्या विधानसभा चुनाव हार गए थे और अब उन्हें विधान परिषद् भेजकर अखिलेश सहयोगी का धर्म निभाना चाहते हैं। लोकसभा उपचुनाव के लिए जिस तरह सपा ने अंत समय में फैसला किया ऐसा लगता है कि एमएलसी के चुनाव में भी वही दोहराया जाने वाला है. जिसका नॉमिनेशन फाइल हो जाय उसे ही उम्मीदवार समझना चाहिए।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related