Latest News Today: पसमांदा मुसलमानों तक पहुंचने के लिए भाजपा ने बनाया अब ये प्लान,अल्पसंख्यक मोर्चा को सौंपी जिम्मेदारी

 
bjp made this plan to reach pasmanda muslims

नई दिल्ली। भाजपा ने हिंदुओं को अलावा अन्य समुदायों के कमजोर वर्गों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इस कड़ी में भाजपा ने अब मुस्लिमों में सबसे पिछड़े-पसमांदा मुसलमानों की ओर अपना रूख किया है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह हैदराबाद में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाजपा कार्यकर्ताओं को हिंदुओं के अलावा अन्य समुदायों के कमजोर वर्गों पर ध्यान करने के लिए कहा था। इसके बाद पार्टी की अल्पसंख्यक शाखा ने पसमांदा मुसलमानों के बीच पहुंचने की तैयारी शुरू कर दी है। 

Read also: Maharashtra Assembly Speaker: स्पीकर चुनाव में MVA को मिली मात, भाजपा के राहुल नार्वेकर को मिली जीत


अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख जमाल सिद्दीकी ने कहा कि पसमांदा समाज तक पहुंच के लिए पार्टी की गतिविधियां मोटे तौर पर दो पहलुओं पर आधारित हैं। पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। इसके अलावा जिला पार्टी इकाई में उनको प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। खासकर जहां वे बहुमत में हैं। सिद्दीकी भी पसमांदा मुस्लिम हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य देशभर के पसमांदा मुसलमानों से संपर्क करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अधिकांश पदाधिकारी पसमांदा समुदाय वर्गों से हैं।


पार्टी के अन्य नेता ने कहा कि भाजपा वर्ष 1965 में भाजपा पाकिस्तान युद्ध के नायक परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद जैसे समुदाय के राष्ट्रीय नायकों की जयंती पर समारोह आयोजित करने की योजना पर काम कर रही है। पसमांदा मुस्लिम आबादी का 70 फीसद से अधिक हैं और भाजपा का लक्ष्य विभिन्न राज्यों के चुनावों और 2024 के आम चुनाव की तैयारी के दौरान इन तक पहुंचना है। कई दलों के मुस्लिम नेता अशरफ समुदाय से हैं। इनमें सैयद, मुगल और पठान शामिल हैं।

Read also: अमित शाह का एलान, अभी दशकों चलेगा भाजपा का युग


जबकि पसमांदा में मोमिन अंसार (बुनकर),मलिक (तेली), मंसूरी (रजाई और गद्दे बनाने वाले), कुरैशी (कसाई), सैफी (लोहार), इदरीसी (दर्जी), हवारी (धोबी) और  सलमानी (नाई) शामिल हैं। पिछले सप्ताह हैदराबाद में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मोदी ने सुझाव दिया था कि कार्यकर्ताओं को पसमांदा मुसलमानों तक पहुंचना चाहिए।