बिहार में सत्ता पलट तो हो गयी, नई सरकार भी बन गयी, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने शपथ भी ले लिए लेकिन मंत्रिमंडल के विस्तार पर अभी तक पेंच फंसा हुआ है, किस दल को कितने मंत्रिपद मिलेंगे इसपर पटना से लेकर दिल्ली तक माथापच्ची चली. अब खबर आ रही है कि दिल्ली में तेजस्वी यादव के सोनिया गाँधी और लालू प्रसाद यादव से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार का फार्मूला तय हो गया है. इस फॉर्मूले पर जेडीयू और राजद की मुहर लग चुकी है. तय हुए फॉर्मूले के तहत पिछली सरकार में जेडीयू और भाजपा के पास जो भी मंत्रालय थे वही फार्मूला इस बार भी लागू होगा, बस भाजपा का स्थान राजद ने ले लिया है यानी भाजपा के पास जो भी मंत्रालय थे वह अब राजद के पास रहेंगे।
ख़बरों के अनुसार नए फॉर्मूले में यह भी तय हुआ है कि राजद अपने कोटे से तीन मंत्रालय कांग्रेस पार्टी को देगी, कांग्रेस पार्टी चार की मांग कर रही थी लेकिन सोनिया गाँधी से मुलाकात में इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है, इसके अलावा लेफ्ट को भी राजद अपने कोटे में ही एडजस्ट करेगी, हालाँकि लेफ्ट की तरफ से सरकार में शामिल होने की अनिच्छा जताई जा चुकी है. वहीँ सरकार में एक अन्य सहयोगी जीतनराम मांझी की हिदुस्तानि अवामी मोर्चा को जेडीयू अपने कोटे से एक मंत्री पद देगी। इस फॉर्मूले में एक बात यह भी साफ़ हो गयी कि गृह मंत्रालय एकबार फिर मुख्यमंत्री नितीश कुमार के पास ही रहेगा, पहले यह खबर मिल रही थी कि तेजस्वी यादव गृह मंत्रालय के लिए अड़े हुए हैं लेकिन लालू यादव के समझाने पर उन्होंने यह ज़िद छोड़ दी है. ख़बरों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार का जो फार्मूला तय हुआ है उसपर 16 अगस्त को मुहर लग जाएगी.

