Ashok Gehlot: गेहलोत की पुष्टि, गाँधी परिवार से अध्यक्ष पद के लिए कोई नहीं

 
Ashok Gehlot

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज साफ़ कर दिया कि गाँधी परिवार का कोई भी सदस्य कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेगा और वो ही चुनाव लड़ेंगे और जल्द ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे. उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव लड़ने का निर्णय इसलिए किया कि हमें विपक्ष को मज़बूत करना है. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अधिसूचना जारी होते ही प्रक्रिया शुरू हो गयी है. 24 से 30 सितंबर तक नामांकन दाखिल किये जा सकेंगे, नॉमिनेशन वापस लेने की आखरी तिथि 8 अक्टूबर है. एक से ज़्यादा उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे. 

हालाँकि अशोक गेहलोत ने जयपुर से दिल्ली रवानगी से पहले साफ़ कर दिया था कि उन्होंने अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का पूरी तरह से मन बना लिया है, लेकिन साथ ही ये भी कहा था कि वो एक कोशिश और करेंगे। गेहलोत का इस बारे में जब अंतिम प्रयास भी नाकाम हो गया तो उन्होंने राजस्थान के सीएम की कुर्सी छोड़ने की बात क. गेहलोत ने अब इस बात को भी स्पष्ट कर दिया है कि गाँधी परिवार का कोई भी सदस्य इस रेस में नहीं और अब वो ही चुनाव लड़ेंगे। गेहलोत ने ये बात कहकर ये बात कहने की कोशिश की कि दरअसल वो ही इस चुनाव में गाँधी परिवार की नुमाइंदगी कर रहे हैं, हालाँकि सोनिया गाँधी ने ये बात भी स्पष्ट कर दी है कि उनका समर्थन किसी एक उम्मीदवार को नहीं है. 

फिलहाल अशोक गेहलोत अब कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा से केरल में जुड़ चुके हैं. वह भी उन्होंने अपने बयान में कहा कि मैंने राहुल से बात की और उन्होंने कहा कि आप ही चुनाव लड़ो इसलिए मैंने उनकी बात को माना और चुनाव लड़ने का पक्का इरादा कर लिया है. मन मनव्वल के इस दौर में गेहलोत की सबसे बड़ी परेशानी राजस्थान सीएम की कुर्सी रही है जिसे बचाने की उन्होंने पूरी कोशिश की लेकिन उदयपुर कन्वेंशन का एक व्यक्ति एक पद का डिक्लेरेशन उनके लिए परेशानी का कारण बन गया जिसे अंततः उन्हें छोड़ना ही पड़ा.