कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों को लेकर अब पर्दा पूरी तरह हट गया है. आज ड्रामाई रूप से दिग्विजय की जगह मल्लिकार्जुन खड़गे की इंट्री हुई और अभी तक की खबर के अनुसार शशि थरूर और खड़गे ने अपना नॉमिनेशन दाखिल कर दिया है, इसके साथ है छत्तीसगढ़ से भी एक नॉमिनेशन हुआ है, वह से कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने परचा भरा है, इस तरह अब तक कुल तीन नामांकन दाखिल किये हैं लेकिन मुकाबला अब सीधा खड़गे और थरूर के बीच बताया जा रहा है.
आज पहले नामांकन शशि थरूर ने दाखिल किया, उससे वो राजघाट भी गए. थरूर के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस दफ्तर पहुंचे और चुनाव कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। खड़गे के साथ G-23 ग्रुप के नेता भी मौजूद थे, गेहलोत के अलावा भूपिंदर हुड्डा खड़गे के प्रस्तावक बने. कहा जा सकता है कि वरिष्ठ नेताओं का साथ खड़गे को मिलना तय है, भले ही वो बागी गट के ही क्यों न हों. वहीँ नामांकन के बाद थरूर ने बताया कि वो राजघाट क्यों गए थे , थरूर ने कहा कि मैं राजघाट गया और वीर भूमि भी गया (वीर भूमि राजीव गाँधी का समाधि स्थल है) . थरूर ने कहा ये सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं बल्कि हमारे देश के भविष्य का चुनाव है.
थरूर ने दिग्विजय की तरह उनके भी नाम वापस लेने की संभावनाओं पर सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अभी तो मैं नामांकन करने आया हूँ, बाद में क्या होता है ये बाद में पता चलेगा. वहीँ झारखंड कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने भी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है.इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की है. गेहलोत ने उन्हें अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि अध्यक्ष का चुनाव दोस्ताना मैच की तरह है, सभी लोग कांग्रेस पार्टी के लिए लड़ रहे हैं. इससे पहले खड़गे के नामांकन के समय गेहलोत ने उम्मीद जताई थी की हो सकता है बाद में शशि थरूर पाना नामांकन वापस ले लें, हालाँकि वो यह कहना भी नहीं भूले कि यह मेरा ख्याल है.

