Congress President Election: कांग्रेस में दोहराने जा रहा 1997 का इतिहास, 25 साल बाद अध्यक्ष पद के होगे कई दावेदार

 
Congress President Election

नई दिल्ली। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों में फिर से 25 साल पुराना इतिहास दोहराए जाने के संकेत मिल रहे हैं। हालात और राजनीतिक माहौल कुछ इसी ओर इशारा भी कर रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों में इस बार एक से अधिक पर्चे भरे जा सकते हैं। चर्चा है कि ऐसा कांग्रेस में नाराज़ नेताओं के एक गुट की ओर से किया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए हैं कि भाजपा ने कांग्रेस के भीतर बड़ी सेंध लगा दी है। अगर सब कुछ योजना अनुसार रहा तो होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद चुनावों में मुकाबला रोमांचक होगा। दरअसल 1997 में यानी आज से 25 साल पहले कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए एक साथ कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे आरएन चहल ने बताया कि कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे राजेश पायलट ने कांग्रेस का मुख्य रूप से विरोध शुरू किया था। उन्होंने 1997 में अध्यक्ष पद की दावेदारी की थी। उस वक्त सीताराम केसरी और राजेश पायलट के अलावा शरद पवार के बीच अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला हुआ था। लेकिन कांग्रेस का एक बड़ा गुट सीताराम केसरी के साथ था और गांधी परिवार केसरी को ही अध्यक्ष बनाना चाहते थे। यहीं कारण रहा कि सीताराम केसरी कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे। चहल का कहना है कि ठीक तीन साल बाद यानी 2000 में कांग्रेस के पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के पिता जितेंद्र प्रसाद ने पार्टी में बगावत की और कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनावी मैदान में उतरे थे। यह सीधा चुनाव सोनिया गांधी के ही खिलाफ हुआ था। सोनिया गांधी और जितेंद्र प्रसाद के बीच सीधे मुकाबले में सोनिया गांधी चुनाव जीत गई थी।  

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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की इस संबंध में बैठक हो गई है। आगे के लिए पूरा मसौदा तैयार किया गया है। जिस तरीके से कांग्रेस में आला कमान पर आरोप लगाकर नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। उससे अनुमान है कि गांधी परिवार से कोई प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं होगा। सवाल उठता है कि अगर गांधी परिवार से कोई अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में नहीं होगा तो आखिर कांग्रेस की तरफ से चुनाव में कौन होगा। चर्चा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी प्रत्याशी बनाया जा सकते हैं। युवा नेतृत्व की तलाश में सचिन पायलट पर पार्टी दांव लगा सकती है। इसके अलावा दक्षिण भारत के नेताओं, जिसमें केरल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सहित कर्नाटक के कुछ नेताओं के नाम अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में हैं।