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Gujarat Chunavi Dangal: गुजरात की इस विधानसभा सीट पर हावी रहती है दलबदल की सियासत

गुजरात में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शबाब पर हैं, सत्ताधारी भाजपा हो, 27 साल से सत्ता में वापसी की बात जोह रही कांग्रेस पार्टी हो या फिर अपने कदम जमाने की कोशिश में लगी आम आदमी पार्टी, सभी एड़ी छोटी का ज़ोर लगाए हुए हैं. भाजपा की कमान जहाँ अमित शाह संभाले हुए हैं वहीँ AAP का रथ दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल हाँक रहे हैं अलबत्ता कांग्रेस पार्टी का भी तक कुछ पता नहीं कि उनके खेमे में असलियत में चल क्या रहा है. यह तीनों पार्टियां जिस तरह की तैयारी में उससे एक एक सीट का महत्त्व बढ़ गया है इनमें से एक सीट है कच्छ की अबडासा सीट. इस सीट की विशेषता यह है कि यहां पर दलबदलुओं का बोलबाला रहता है, दल-बदल की राजनीति हावी रहती है. 

इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच अदला बदली का खेल चलता रहता है. इसलिए कह सकते हैं कि यहाँ पर किसी पार्टी विशेष का प्रभुत्व नहीं रहा है. दलबदल सियासत की बात करें तो अबडासा विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत हासिल करने के बाद भाजपा के खेमे जा चुके हैं . 2017 के विधानसभा चुनाव में यहाँ से कांग्रेस के प्रद्युमन सिंह जाडेजा ने जीत हासिल की थी. बाद में उन्होंने बीजेपी को ज्वाइन कर लिया था. 2020 के उपचुनाव में प्रद्युमन एकबार फिर भाजपा के टिकट पर जीते. अबडासा विधानसभा सीट पर 2012 में कांग्रेस के छबीलभाई पटेल कामयाब हुए थे. 2007 में भाजपा के जयंती भानुशाली यहाँ से विजयी हुए थे, बाद में जयंती भानुशाली की चलती ट्रेन में हत्या कर दी गई थी. उनकी ह़त्या का आरोप पूर्व कांग्रेस विधायक छबील पटेल पर लगा था जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया था. साल 2017 में छबील पटेल ने भाजपा का दामन पकड़ लिया.  

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इस बार भी यहाँ बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही टक्कर मानी जा रही है. हालाँकि आम आदमी पार्टी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश ज़रूर करेगी।  इसबार देखना यह भी होगा कि कांग्रेस से भाजपा में गए प्रद्युमन जाडेजा को प-आर्टि टिकट देगी या नहीं। बता दें कि कच्छ की अबडासा विधानसभा में लगभग 2,23,705 मतदाता हैं.

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