भारत में ओमिक्रॉन की रफ़्तार बढ़ते ही जा रही है जो केंद्र और राज्य सरकारों के लिए बन रहा है चिंता का विषय। ओमिक्रॉन की रफ़्तार को रोकने के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री करेंगे बड़ी बैठक जिसमे शामिल हो सकते है कई बड़े मंत्री। हालांकि, केंद्र ने ओमिक्रॉन से निपटने के लिए राज्य सरकार को कई तरह के दिशा-निर्देश दे रखे है।
जिस प्रकार ओमिक्रॉन के मामले भारत में बढ़ रहे है, विशेषज्ञों का मानना है की फरवरी तक तीसरी लहर आ सकती है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार पूरे एक्शन में है। कल, गुरूवार को प्रधानमंत्री ने इसी विषय पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है जिसमे राज्यों की स्थिति की चर्चा की जाएगी एवं सुझावों को देखा जाएगा।
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मंगलवार को भी केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों को इस वैरिएंट से निपटने के लिए कई दिशा निर्देश दिए गए थे। इसके द्वारा राज्यों को सचेत किया गया। आपको यह भी बता दे कि महाराष्ट्र में इस नए वैरिएंट के सबसे ज्यादा केस है और नए साल पर यहाँ पूरी तरह से पाबन्दी भी लगायी जा सकती है।
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केंद्र सरकार द्वारा पहले ही चेतवानी दी जा चुकी है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले तीन गुणा तेज़ी से फैलता है। केंद्र सरकार ने राज्य वॉर रूम केंद्रों को भी एक्टिव करने को कहा है। जिला और स्थानीय स्तर पर भी सख्ती बढ़ा दी गयी है। वही केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण द्वारा जांच को बढ़ाने कि मांग की है जिसके लिए स्पेशल फाॅर्स को भी तैयार किया जा सकता है जो हो रहे जांच पर निगरानी रखेंगे। इसके अलावा नाईट कर्फ्यू लगाने पर भी विचार किया जा रहा है और बड़ी भीड़-भाड़ वाले इलाको के लिए भी बनाये जायेंगे सख्त नियम। शादी और अन्य तरह के समारोहों में भी लोगो की उपस्थिति को नियमित करने कि सलाह दी गयी है।

