नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य से भिन्न तरीके से चलने वाले तत्वों या संगठनों द्वारा AI के शस्त्रीकरण से दुनिया की रक्षा करनी चाहिए. साथ ही यह भी कहा कि हम भारत को AI का ग्लोबल हब बनाना चाहते हैं. पीएम मोदी AI पर आयोजित शिखर सम्मेलन ‘रेज 2020’ (Raise 2020) को संबोधित कर रहे थे.
आपदा प्रबंधन प्रणालियों के लिए AI की बड़ी भूमिका
उन्होंने कहा कि कृषि, अगली पीढ़ी के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करने और आपदा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत बनाने में AI की बड़ी भूमिका है. इस सम्मेलन का आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और नीति आयोग ने संयुक्त रूप से किया.
भरोसा पैदा करने की ज़रुरत
पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि यह भरोसा पैदा करें कि AI का किस तरह इस्तेमाल हो रहा है. भरोसा कायम करने के लिए अल्गोरिद्म में पारदर्शिता महत्वपूर्ण है. हमें राज्य से भिन्न तरीके से चलने वाले तत्वों या संगठनों द्वारा AI के शस्त्रीकरण से दुनिया की रक्षा करनी ही चाहिए.’’ आगे कहा कि भारत में हमने अनुभव किया है कि प्रौद्योगिकी से पारदर्शिता, सेवाओं की आपूर्ति में सुधार होता है. इंसानी सोच के साथ AI का गठजोड़ धरती के लिए अद्भुत परिणाम ला सकता है.

