PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी संसद को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान अपने संबोधन में एआई से लेकर यूक्रेन संकट और खाने के जायकों तक का जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान एक कविता पढ़ी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी संसद में कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और अमेरिका सबसे पुराना लोकतंत्र है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत है। पीएम ने कहा कि लोकतंत्र सम्मान और बराबरी का पर्याय है। उन्होंने कहा कि मैं यहां सात साल पहले आया था। तब कहा था कि इतिहास कि हिचक कभी हमारे साथ चलती थी। अब हम नई राह पर हैं। अब इस शताब्दी का नया आह्वान हो रहा है। हमने लंबी यात्रा तय की है। हमने दोस्ती की परख देखी है। सात साल पहले जब मैं आया था, तब से अब तक बहुत कुछ बदला है। लेकिन भारत-अमेरिका के बीच दोस्ती आज भी बरकरार है।
पीएम मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बदलाव हुए हैं। एक और AI यानी अमेरिका-इंडिया में बदलाव हुए हैं। लोकतंत्र की खूबसूरती लोगों के साथ सतत जुड़ाव, उनकी बातें सुनने और उन्हें महसूस करने में है। आज गुरुवार है, आपमें से कई लोगों के लिए यात्रा का दिन है। मिस्टर स्पीकर का काम तो बहुत मुश्किल है। मैं सब्र करने, दूसरों को मनाने और नीतियों के बीच संतुलन साधने के संघर्ष को समझता हूं। मुझे खुशी हो रही है कि आप दुनिया के दो महान लोकतंत्र का जश्न मनाने के लिए आज यहां हैं।
सबसे अधिक महिला पायलट भारत में
भारत में महिलाओं का भविष्य बेहतर है। दुनिया में सबसे अधिक महिला पायलट भारत में हैं। ये मंगल मिशन का नेतृत्व कर चुकी हैं। बेटी के भविष्य में निवेश करने से पूरे राष्ट्र की तस्वीर बदलती है। भारत पुराना राष्ट्र जरूर है और परंपराओं के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां की युवा आबादी कुछ मामलों में बहुत आगे है।
यूक्रेन, चीन और पाकिस्तान बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संकट पर गंभीर चिंता जताई। इसी के साथ चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना निशाना साधा। उन्होंने कहा, वैश्वीकरण का एक नुकसान हुआ है कि सप्लाई चेन सीमित हुई है। हम मिलकर कोशिश करें कि सप्लाई चेन विकेंद्रितकृत और लोकतांत्रिक हो। तकनीक, सुरक्षा और खुशहाली को तय करेगी। यूक्रेन संकट के कारण विकासशील देश प्रभावित हुए हैं।
उन्होंन कहा कि हम ऐसे इकलौते जी-20 देश हैं, जिन्होंने पेरिस समझौते के तहत सभी समझौतों को पूरा किया है। हम यहीं नहीं रुके। ग्लासगो समिट में हमने मिशन लाइफ का जिक्र किया। आज भारत और अमेरिका समुद्र से लेकर अंतरिक्ष तक, वित्त, कृषि, कारोबार, कला और स्वास्थ्य सेवा में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारत.अमेरिका के बीच सहयोग असीमित है। सिर्फ स्पेलिंग बी में नहीं, भारतीय अमेरिकी सभी क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं।
