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स्वदेशी विमान वाहक पोत INS Vikrant को पीएम मोदी ने देश को किया समर्पित

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश में निर्मित स्वदेशी विमान वाहन पोत आईएनएस विक्रांत देश के समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम में कोचीन शिपयार्ड पर तैयार किए इस विमान वाहक पोत को नौसेना को सौंपा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले समय में इंडो.पैसिफिक रीज़न और भारतीय समुद्र में सुरक्षा चिंताओं को लंबे समय तक नजरंदाज किया जाता रहा है। लेकिन आज ये क्षेत्र देश की बड़ी रक्षा प्राथमिकता में है। इसलिए नौसेना के लिए बजट बढ़ाने से लेकर उसकी क्षमता बढ़ाने तक हर दिशा में काम किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि बूंद-बूंद जल से विराट समंदर बनता है। वैसे ही भारत का एक नागरिक ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जीना प्रारंभ करेगा तो देश को आत्मनिर्भर बनने में अधिक समय नहीं लग सकता।  आईएनएस विक्रांत के नौसेना में शामिल होने के मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना ने सभी शाखाओं को महिलाओं के लिए खोलने का फैसला लिया है। जो पाबन्दियाँ हैं उनको अब हटाया जा रहा है। जैसे समर्थ लहरों के लिए कोई दायरे नहीं होते हैं वैसे भारत की बेटियों के लिए अब कोई दायरे या बंधन नहीं होंगे। 

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प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि ब्रिटिश संसद में कानून बनाकर भारतीय जहाजों और व्यापारियों पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे। उन्होंने भारत समुद्री सामर्थ्य की कमर तोड़ने का फैसला लिया था। छत्रपति शिवाजी महाराज ने समुद्री सामर्थ्य के दम पर नौसेना का निर्माण किया जो दुश्मनों की नींद उड़ाकर रखती थी। अंग्रेज भारत आए तो वो भारतीय जहाजों और उनके जरिए होने वाले व्यापार की ताकत से घबराते थे।  पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय नौसेना के ध्वज पर गुलामी की पहचान बनी हुई थी। लेकिन आज से छत्रपति शिवाजी से प्रेरित नौसेना का नया ध्वज समंदर से लेकर आसमान तक लहराएगा। आज 2 सितंबर 2022 की इस ऐतिहासिक तिथि को इतिहास बदलने वाला काम हुआ है। आज भारत ने गुलामी के निशान, गुलामी के बोझ को अपने सीने से उतार दियां।

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