देहरादून। सभी विद्यालयों और शिक्षा विभाग सहित सभी कार्यालयेां में अब प्लास्टिक पूरी तरह से वैन (Plastic ban in offices) कर दिया है। इतना ही नहीं परिसर के भीतर प्लास्टिक बोतल भी प्रतिबंधित होगी। विद्यालयों में छात्रों के लिए पेयजल कैंपर लगेंगे। स्कूलों में शिक्षक, विद्यार्थी व कर्मचारी धातु की बोतलों का उपयोग करेंगे।
प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से जारी किए गए निर्देशों के अनुसार विद्यालयों में और शिक्षा विभाग के अलावा समस्त कार्यालयों व विद्यालय परिसर को प्लास्टिक मुक्त करने की योजना अब शुरू की जा चुकी है। विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत कार्यालयों और विद्यालयों में प्लास्टिक से संबंधित किसी भी वस्तु को लाना प्रतिबंधित होगा। इतना ही नहीं प्लास्टिक की बोतल, गिलास, प्लेट, थाली आदि का प्रयोग भी नहीं किया जा सकेंगा।
विभागीय बैठकों, कार्यक्रमों, सेमीनार और कार्यशालाओं में प्लास्टिक से बनी सामग्री पूरी तरह से प्रतिबंधित होगी। विद्यालय में पीने के पानी के लिए धातु के वाटर कैंपर लगाए जाएंगे। सभी अधिकारी और कर्मचारियों को धातु की बोतल का ही प्रयोग करना होगा।
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वहीं स्कूल परिसरों में शिक्षक छात्र-छात्राओं को प्लास्टिक से होने वाले हानिकारक कारको के बारे में जानकारी दे रहे हैं। जिससे छात्र पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहे। छात्रों को प्लास्टिक के स्थान पर जूट और कपड़ों (Jute bag) से बने बने कैरीबैग का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

