आपके महीने की इनकम, उम्र, शहर और पहले से चल रही EMI से आपके होम लोन की एलिजिबिलिटी तय होती है। इसलिए प्रॉपर्टी देखने जाने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले ही अपने लोन की एलिजिबिलिटी देख लें।
साल 2026 में पहली बार घर खरीदने वाले बहुत से लोग सबसे पहले अपनी पसंद की प्रॉपर्टी चुन लेते हैं और फिर उसके हिसाब से लोन के लिए आवेदन करते हैं। लेकिन समझदारी इसी में है कि आप विज्ञापनों को देखकर फैसला लेने के बजाय, पहले लोन चुकाने की अपनी क्षमता पर गौर करें।
भारत के ज़्यादातर शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें तेज़ी से बदलती रहती हैं, लेकिन हर महीने लोन चुकाने की आपकी क्षमता उतनी तेज़ी से नहीं बदलती है। इसलिए जरूरी है कि घर ढूंढना शुरू करने से पहले ही आप यह जान लें कि आपको कितना लोन मिल सकता है। इससे आपको एक बजट लिमिट मिल जाती है जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं, क्योंकि किसी फ़्लैट को पसंद करने के बाद लोन की रकम पता करना समझदारी नहीं है।
होम लोन वह रकम होती है जो कोई बैंक या हाउसिंग फाइनैंस कंपनी आपको प्रॉपर्टी खरीदने के लिए देती है, जिसे आप तय समय-सीमा में ब्याज़ के साथ चुकाते हैं। आमतौर पर लोन की पूरी रकम चुकाने तक वह प्रॉपर्टी सिक्योरिटी के तौर पर रहती है। लोन देने वाले संस्थान आपकी इनकम, उम्र, शहर और क्रेडिट प्रोफ़ाइल को देखकर यह तय करते हैं कि वे आपको कितना लोन दे सकते हैं।
कौन सी चीजें आपकी एलिजिबिलिटी के हिसाब से मिलने वाली लोन रकम को कम या ज्यादा कर सकती हैं?
प्रॉपर्टी ढूंढने से पहले अपनी लोन लेने की क्षमता के बारे में जानने का मतलब है कि प्रॉपर्टी खरीदने का फैसला लेने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले होम लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर का उपयोग करें।
यह कैलकुलेटर आपसे बस चार बातों की जानकारी लेकर एक नतीजा देता है: यानी यह आपकी एलिजिबिलिटी के हिसाब से मिलने वाली लोन की अनुमानित रकम के बारे में बताता है।
| जानकारी | इससे कैलकुलेटर को क्या पता चलता है | इसका प्लानिंग पर क्या असर होता है |
| जन्म की तारीख | आवेदक की उम्र | उम्र से तय होता है कि आपको लोन चुकाने के लिए कितना समय मिलेगा। |
| शहर | आवेदक की लोकेशन | रियल एस्टेट की कीमतें हर जगह अलग-अलग होती हैं। |
| महीने की इनकम | रेगुलर इनकम का जरिया | इससे लोन लेने की क्षमता तय करने में मदद मिलती है। |
| महीने की देनदारियाँ/ EMIs | मौजूदा देनदारियाँ | दिखाता है कि आपकी इनकम का कितना हिस्सा पहले से ही कहीं और खर्च हो रहा है। |
एक जैसी इनकम वाले दो खरीदारों के लिए लोन एलिजिबिलिटी भी उनकी उम्र, शहर और पहले से चल रही EMIs की वजह से अलग-अलग हो सकती है। ध्यान रखें, यह आंकड़ा लोन देने वाले संस्थान की तरफ से अंतिम मंजूरी को नहीं दिखाता है, बल्कि यह सिर्फ़ एक अनुमान है जिसकी मदद से आप प्लानिंग कर सकते हैं। फिर भी, यह आपको अंदाज़ा लगाने के बजाय ऐसी रकम के बारे में बताता है जिसके हिसाब से आप अपना घर ढूंढ सकते हैं।
आप अपनी एलिजिबिलिटी के हिसाब से लोन की रकम को घर के फाइनल बजट में कैसे बदल सकते हैं?
आपकी प्रॉपर्टी का बजट, आपकी एलिजिबिलिटी के हिसाब से लोन की रकम और आपके अपने डाउन-पेमेंट की रकम को मिलाकर बनता है। इससे आपको घर ढूंढने के लिए अपने बजट का पता चल जाता है, और इस तरह आप पहले ही बहुत ज्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टी ढूंढकर उसे अपने बजट में फिट करने की गलती नहीं करते हैं।
मान लीजिए पुणे में रहने वाले 29 साल के एक नौकरीपेशा व्यक्ति की महीने की इनकम 90,000 रुपये है और उसके पहले से चल रहे लोन की EMI 10,000 रुपये है। घर ढूंढना शुरू करने से पहले, वह होम लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर में अपनी जन्म की तारीख, शहर, इनकम और EMI की जानकारी भरकर देखता है। अगर कैलकुलेटर के हिसाब से उसे 48 लाख रुपये का लोन मिल सकता है और वह अपनी तरफ से 15 लाख रुपये का डाउन पेमेंट देने के बारे में सोचता है, तो उनकी प्रॉपर्टी का बजट लगभग 63 लाख रुपये हो जाता है। अब अपनी पसंद का घर ढूंढने के बजाय, वह इसी बजट के हिसाब से घर ढूंढना शुरू करता है।
क्या जितनी लोन लेने की आपकी एलिजिबिलिटी है, आपको उतना ही लोन लेना चाहिए?
आपको अधिकतम जितना लोन मिल सकता है और आपको असल में जितना लोन लेना चाहिए, ये दोनों अलग-अलग बातें हैं।
आपको अधिकतम जितना लोन मिल सकता है, लगभग उतना ही लोन लेने से आपको प्रॉपर्टी के ज़्यादा अच्छे विकल्प तो मिल सकते हैं लेकिन इससे हर महीने लोन चुकाने का बोझ भी बढ़ जाता है। इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले इन बातों पर सोच-विचार करने में समझदारी होगी:
- लंबी समय-सीमा से आपकी EMI तो कम हो जाती है, लेकिन इससे लोन चुकाने का समय बढ़ जाता है और आपको कुल मिलाकर ज़्यादा ब्याज़ देना पड़ सकता है।
- समय-सीमा कम होने से आपकी EMI ज़्यादा हो जाती है, लेकिन आपका लोन जल्दी खत्म हो जाता है।
- ज़्यादा लोन लेने से आप ज़्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं, लेकिन इससे कई सालों तक आपके महीने का खर्च बढ़ जाता है।
EMI और इनकम का कोई एक ऐसा आंकड़ा नहीं है जो हर परिवार के लिए बिल्कुल सही हो, क्योंकि यह आपके दूसरे खर्चों और आर्थिक लक्ष्यों पर निर्भर करता है। यह भी याद रखें कि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार, लोन देने वाले संस्थान प्रॉपर्टी की कीमत का 100% फाइनैंस नहीं कर सकते, इसलिए आपको प्रॉपर्टी की कीमत का 10 से 20% हिस्सा खुद ही चुकाना होगा।
आप कैसे पता लगाएँ कि आपकी पसंद की प्रॉपर्टी आपके बजट में है या नहीं?
एक बार आपकी प्रॉपर्टी के लिए बजट तय होने के बाद, आप किसी घर को पसंद करने से पहले देख सकते हैं कि वह आपके बजट में फिट है या नहीं।
- शुरुआत में पता लगाएँ कि आपको कितना लोन मिल सकता है। यह रकम किसी विज्ञापन से नहीं, बल्कि कैलकुलेटर से पता चलती है।
- इसमें अपनी तरफ से दी जाने वाली रकम जोड़ दें। इससे आपको अपनी प्रॉपर्टी का बजट पता चल जाएगा।
- अपने इस बजट से प्रॉपर्टी की कीमत की तुलना करें:
| अगर प्रॉपर्टी की कीमत | इसका क्या मतलब है |
| आपकी प्रॉपर्टी के बजट के अंदर हो | आप आगे बढ़कर उस प्रॉपर्टी के बारे में और जानकारी ले सकते हैं। |
| आपकी प्रॉपर्टी के बजट के आस-पास हो | लोन लेने का फैसला करने से पहले EMI और लोन की समय-सीमा देख लें। |
| आपकी प्रॉपर्टी के बजट से ज़्यादा हो | हो सकता है कि आपको अपनी तरफ से ज्यादा पैसा लगाना पड़े, कोई दूसरी प्रॉपर्टी देखनी पड़े या लोन चुकाने का नया तरीका चाहिए हो। |
अगर आपको आपके तय बजट से ज़्यादा कीमत वाली कोई प्रॉपर्टी पसंद आ जाए, तो क्या करें?
पसंद आई प्रॉपर्टी की कीमत और आपके बजट के बीच थोड़ा-बहुत फर्क होना आम बात है, और इस फर्क को दूर करने के लिए आमतौर पर तीन में से किसी एक में बदलाव करना होता है।
- कम कीमत वाली प्रॉपर्टी देखें। इससे प्रॉपर्टी की कीमत उस रकम के करीब आ जाती है जिसे आप अपनी एलिजिबिलिटी के हिसाब से लोन की रकम और खुद के फंड से चुका सकते हैं।
- अपनी तरफ से लगाई जाने वाली रकम बढ़ाएँ। अपनी तरफ से ज़्यादा रकम देने से आप थोड़ी ज़्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं।
- लोन चुकाने की योजना पर अच्छी तरह गौर करें। लोन की समय-सीमा बदलने से आपकी EMI और लोन चुकाने का समय दोनों बदल जाते हैं। हालांकि लंबी समय-सीमा चुनने का फैसला हमेशा बेहतर नहीं होता है, क्योंकि इससे आपको ज़्यादा ब्याज़ चुकाना पड़ सकता है।
बजाज फाइनैंस होम लोन इस कैलकुलेशन में कैसे फिट बैठता है?
एक बार जब आपको लोन की अपनी अनुमानित ज़रूरत का अंदाजा हो जाए, तो आप यह देख सकते हैं कि कोई संस्थान असल में आपको कितना लोन देने को तैयार है।
| मुख्य बातें | बजाज फाइनैंस होम लोन |
| लोन की रकम | 15 करोड़ रुपये* तक |
| ब्याज़ दर | सालाना 7.50%* से शुरू |
| लोन चुकाने की समय-सीमा | 32 साल* तक |
| शुरुआती EMI का विवरण | 688 रुपये/लाख* |
ये आंकड़े लोन की अधिकतम सीमा बताते हैं, और इससे यह पता नहीं चलता कि किसी भी व्यक्ति को इतना लोन मिलेगा। बजाज फाइनैंस लोन को मंजूरी देने से पहले हर आवेदक की उम्र, इनकम, शहर, CIBIL स्कोर और मौजूदा देनदारियों की जाँच करता है। आमतौर पर 23 से 67 साल की उम्र के बीच के नौकरीपेशा लोग और 23 से 70 साल की उम्र के बीच के खुद का काम करने वाले लोगों को लोन मिल सकता है, जिसके लिए 725 या उससे ज़्यादा का CIBIL स्कोर अच्छा माना जाता है। अगर आप फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट पर लोन लेते हैं, तो RBI के नियमों के मुताबिक अगर आप कभी समय से पहले लोन चुकाना चाहें, तो कोई फोरक्लोजर या प्री-पेमेंट शुल्क नहीं लगेगा।
घर ढूंढना शुरू करने से पहले आप अपनी एलिजिबिलिटी की जाँच कैसे करते हैं?
किसी भी प्रॉपर्टी को चुनने से पहले, आपके लिए अपनी एलिजिबिलिटी की जाँच करना सबसे जरूरी है जिसमें कुछ मिनट लगते हैं।
- बजाज फाइनैंस होम लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर खोलें।
- अपनी जन्म की तारीख भरें।
- अपना शहर चुनें।
- अपनी महीने की इनकम (रुपये में) भरें।
- अपनी मासिक देनदारियां या मौजूदा EMI (रुपये में) भरें।
- कैलकुलेटर में आपकी एलिजिबिलिटी के हिसाब से लोन की रकम को नोट करें।
- अपना प्रॉपर्टी बजट तय करने के लिए इसमें अपनी तरफ से लगाई जाने वाली रकम को जोड़ दें।
किसी ब्रोकर से बात करने या किसी साइट पर जाने से पहले यह काम जरूर करें। इससे पता चल जाता है कि आपके लिए उतनी रकम का घर ढूंढना बेहतर होगा, बजाय इसके कि आप प्रॉपर्टी पसंद करने के बाद इन बातों पर ध्यान दें।
कोई भी प्रॉपर्टी लेने का फैसला करने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
निकाले गए तीनों आंकड़ों को हमेशा एक साथ उसी क्रम में याद रखें।
| आंकड़े | आपका उद्देश्य |
| एलिजिबिलिटी के हिसाब से लोन की रकम | कैलकुलेटर के मुताबिक आपको कितना लोन मिल सकता है |
| आपकी ओर से दी जाने वाली रकम | आप अपनी तरफ से कितना फंड दे सकते हैं |
| प्रॉपर्टी का बजट | आपको अधिकतम इसी बजट के दायरे में घर ढूंढना है |
आप लोन मिलने की उम्मीद के हिसाब से प्रॉपर्टी चुनने के बजाय, अपनी लोन लेने की क्षमता के आधार पर प्रॉपर्टी का बजट तय करें।
सभी आंकड़ों पर एक साथ विचार करें
किसी भी प्रॉपर्टी की साइट विजिट करने या लिस्टिंग देखने से पहले, अपनी एलिजिबिलिटी के हिसाब से मिलने वाली लोन की रकम का पता लगाने से आपको प्रॉपर्टी के लिए बजट मिल जाता है जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं। प्रॉपर्टी की कीमत नहीं, बल्कि आपकी लोन चुकाने की क्षमता यह तय करती है कि लोन की रकम आपके बजट के हिसाब से सही है या नहीं। अगर कोई प्रॉपर्टी आपके बजट से ज़्यादा महंगी है, तो बजट और कीमत के बीच का अंतर आपको यह समझने में मदद करता है कि आपको प्रॉपर्टी, अपनी तरफ से दी जाने वाली रकम या लोन चुकाने के तरीके में क्या बदलाव करने की ज़रूरत है।
हर चीज का अच्छे से हिसाब-किताब करने के बाद, आप 32 साल* तक की समय-सीमा के लिए 15 करोड़ रुपये* तक के बजाज फाइनैंस होम लोन के बारे में सोच सकते हैं। आपको कितनी रकम तक का लोन मिल सकता है, यह जानने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ और फिर उसी हिसाब से अपनी प्रॉपर्टी की तलाश शुरू करें।
* नियम व शर्तें लागू

