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PhonePe की Share.Market ऐप के जरिए स्टॉक ब्रोकिंग व्यवसाय में एंट्री, इनसे मुकाबला

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PhonePe: फिनटेक फर्म फोनपे अब सहायक फोनपे वेल्थ ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के जरिए Share.Market नाम से स्टॉक ब्रोकिंग कारोबार में उतरेगी। फोनपे के इस कदम से वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फोनपे को अपस्टॉक्स, जीरोधा, ग्रो और आईसीआईसीआई डायरेक्ट जैसी फर्मों से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

निवेशकों और कारोबारियों के लिए ग्राहक अनुभव मुहैया


फोनपे ने कहा है कि Share.Market की खासियत है कि यह बाजार की जानकारी और शोध-आधारित प्लेटफॉर्म वेल्थबास्केट्स के जरिए निवेशकों और कारोबारियों के लिए ग्राहक अनुभव मुहैया कराएगा। फोनपे के मुख्य कार्या​धिकारी एवं संस्थापक समीर निगम ने कहा कि ‘जीरोधा, ग्रो और अपस्टॉक्स जैसे कई प्लेटफॉर्म इस समय मौजूद हैं। लेकिन मेरा मानना है कि हरेक प्लेटफॉर्म न सिर्फ अपनी कीमतों के कारण खास है ब​ल्कि कंटेंट, उत्पाद जैसे मानकों के लिए जाना जाता है। मेरा मानना है कि हम खास पहचान बनाने में सफल होंगे।

शेयर डॉट मार्केट एक मोबाइल ऐप और वेब प्लेटफॉर्म

शेयर डॉट मार्केट एक मोबाइल ऐप और वेब प्लेटफॉर्म के रूप में है। वह रिटेल निवेशकों को शेयर खरीदने, इंट्राडे सौदे करने और म्युचुअल फंड खरीदने में मदद करता है। फोनपे के सीटीओ एवं सह-संस्थापक राहुल ने कहा कि कंपनी बाजार के विकास में धीरे धीरे योगदान देगी। इससे निवेशकों की भागीदारी बढ़ने पर अगले 10 साल के दौरान लाभ की उम्मीद रखेगी।

सेबी की ग्राहकों को आधार और वी​डियो केवाईसी के जरिए जोड़ने, निपटान समय और ग्राहक कोष को सुर​क्षित बनाने जैसी पहलों की वजह से छोटे निवेशकों में शेयर बाजार पर भरोसा बढ़ा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीमेट खातों और म्युचुअल फंड एसआईपी में तेजी से वृद्धि हुई है।

फोनपे के कार्यक्रम में बीएसई प्रबंध निदेशक एवं मुख्य

कार्या​धिकारी सुंदररमन राममूर्ति ने कहा कि 2020 से 2023 के बीच व्य​क्तिगत निवेशकों, यूनिक क्लाइंट कोड (यूसीसी) की संख्या में 18 फीसद वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि बीएसई पर 2020 तक करीब 5 करोड़ यूसीसी थे और आज संख्या बढ़कर 14 करोड़ हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि पिछले समय में 9 करोड़ की वृद्धि हुई। जिसे केवाईसी प्रक्रिया को सरल और डिजिटलीकृत बनाए जाने से मदद मिली थी। उन्होंने कहा इन उपयोगकर्ताओं का बड़ा हिस्सा 20-30 साल उम्र के बीच के लोगों का है। उन्होंने कहा कि वृद्धि मुख्य तौर पर देश के दूर-दराज के इलाकों से दर्ज की जा रही है।

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