नई दिल्ली। देशभर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई से जुड़े लोगों पर एनआईए और ईडी ने गुरुवार को छापेमारी की थी। केंद्रीय जांच एजेंसियों ने टेरर फंडिंग मामले में पीएफआई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी की छापेमारी की कार्रवाई के खिलाफ आज शुक्रवार को पीएफआई ने केरल बंद का आह्वान किया है। पीएफआई द्वारा बंद के आह्वान में केरल में हिंसा शुरू हो गई है। तिरुवनंतपुरम में बंद का समर्थन कर रहे पीएफआई के लोगों ने ऑटो-रिक्शा और एक कार को आग लगा दी है। वहीं भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला कर दिया है। हिंसा की घटनाएं केरल के कोल्लम,तिरुवनंतपुरम, वायनाड, कोझीकोड और अलाप्पुझा सहित विभिन्न जिलों में हो रही हैं। वहीं केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों पर भी पथराव किया गया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक सुबह कन्नूर के नारायणपारा में अखबार ले जा रहे एक वाहन पर पेट्रोल बम फेंककर उसमें आग लगा दी गई है। अलाप्पुझा में केएसआरटीसी की बस, टैंकर लॉरी और कुछ अन्य वाहनों में पीएफआई समर्थकों द्वारा पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कोझीकोड और कन्नूर में पीएफआई कार्यकर्ताओं ने सड़क पर पथराव शुरू कर दिया। जिसमें 15 साल की एक लड़की और एक ऑटो-रिक्शा चालक को चोटें आईं हैं।
इस बीच केरल पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। पीएफआई द्वारा राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद जिला पुलिस प्रमुखों को कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की तरफ से बयान में कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीएफआई ने कहा कि उकने शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी बर्बरता का नतीजा है। इसके साथ पीएफआई राज्य सचिव ए अबूबक ने कहा कि आज की हड़ताल नियंत्रित शासन के फासीवादी उपायों के विरोध में है। बता दें कि गुरुवार को एनआईए और ईडी की टीम ने केरल के 10 जिलों में पीएफआई नेताओं के आफिसों और घर पर छापेमारी की और कई नेताओं को गिरफ्तार किया था।
