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विधानसभा चुनावों से पहले घट सकते हैं पेट्रोल-डीज़ल के दाम, 8.50 रु पर प्रति लीटर की कटौती संभव


विधानसभा चुनावों से पहले घट सकते हैं पेट्रोल-डीज़ल के दाम, 8.50 रु पर प्रति लीटर की कटौती संभव

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब एक रिपोर्ट आई है जिसमें कहा गया है कि कुछ दिनों बाद इसके दामों में गिरावट हो सकती है। केंद्र पेट्रोल और डीजल पर 8.5 रूपए प्रति लीटर तक उत्पाद शुल्क में कटौती की जा सकती है। रिपोर्ट का मानना है कि इससे सरकार के राजस्व पर भी असर नहीं पड़ेगा। दरअसल, रॉयटर्स ने वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा है कि सरकार इस पर विचार कर रही है और 15 मार्च के बाद इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।

आईसीआईसीआई सिक्युरिटीज ने कहा है, हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021-22 में वाहन ईंधन पर यदि उत्पाद शुल्क में कोई कटौती नहीं की जाती है तो इससे राजस्व की वसूली 4.35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। जबकि बजट अनुमान 3.2 लाख करोड़ रुपये का है। इस हिसाब से यदि एक अप्रैल 2021 से या इससे पहले उत्पाद शुल्क में 8.5 रुपये प्रति लीटर की भी कटौती की जाती है तो अगले वित्त वर्ष के बजट अनुमान को हासिल कर लिया जाएगा।

पिछले साल मार्च से लेकर मई 2020 के बीच पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 13 रुपये और डीजल में 16 रुपये लीटर की वृद्धि की गई। मौजूदा समय में पेट्रोल पर कुल 32.90 रुपए और डीजल पर 31.80 रुपये लीटर उत्पाद शुल्क लागू है।

केंद्र सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर जनवरी 2016 के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के गिरते दाम का लाभ उठाते हुए अब तक 9 बार पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया थी। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल अभी 91.17 रुपए प्रति लीटर पर और डीजल 81.47 रुपए प्रति लीटर पर है। 27 मार्च को इन दोनों की कीमतों में क्रमशः 24 पैसे और 15 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी। इसमें पेट्रोल में 32.90 रूपए उत्पाद शुल्क लगती है।

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