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देशभर की इबादतगाहों की सुरक्षा के लिये कानूनी कदम उठाएगा Personal Law Board

यूपी की राजधानी उत्तर प्रदेश में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आज हुई एक अहम् बैठक में यह तय किया गया है कि ज्ञानवापी मस्जिद समेत देश भर के मुस्लिम धर्मस्थलों को बचाने के लिए कानूनी कदम उठाने के साथ ही एक जागरूकता अभियान पूरे देश में चलाया जायेगा। 

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बोर्ड अध्यक्ष मौलाना अज़ीज़ी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन विवादों को गहरी साजिश मानते हुए कहा कि अपनी इबादतगाहों की हिफाजत के लिये कानून का सहारा लेंगे। बैठक में प्लेसेज आफ वरशिप  एक्ट पर चर्चा करते हुए ज्ञानव्यापी सहित दूसरी  मस्जिदों पर दर्ज मामलों में संविधान की व्यवस्था के बाद भी निचली अदालतों से एक के बाद एक आये आदेशों के बाद मुस्लिम समुदाय आहत व बेचैन है.

बोर्ड ने कहा कि आज पूरे देश में 50 हजार मस्जिदों पर मंदिर होने का दावा किया जा रहा है इससे संविधान व कानून के सामने एक बड़ा चैलेंज खड़ा हो गयाहै । बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में धर्म स्थलों की सुरक्षा के साथ उनके स्वरुप को बदलने व किसी तरह की छेड़छाड़ से रोकने की अपील करेगा।

बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव डॉ मोइन अहमद खान ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बोर्ड ने तय किया है कि “इबादतगाह बचाओ तहरीक” शुरू कर राष्ट्र को जागरूक करने के साथ धार्मिक सौहार्द बनाये रखने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान कबसे चलेगा इसकी घोषणा 2 जून को की जाएगी । 

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बोर्ड की तरफ से कहा गया कि सरकार की यह ज़िम्मेदारी है कि वह संविधान और कानून का संरक्षण करे, देश में जिस तरह कशी और मथुरा जैसे मुद्दों पर धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश अराजक तत्व कर रहे हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है इसलिये यह ज़रूरी हो गया है कि इस विषय पर प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़ें. वहीँ बोर्ड ने यह भी कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद तोड़ने कीदीवार तोड़ने की मांग दरअसल मस्जिद को शहीद करने की साज़िश है.

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