Delhi NCR Strain type-2 dengue 2018: के बाद एक बार फिर से डेंगू की गिरफ्त में पूरा एनसीआर है। दिल्ली और आसपास के जिलों में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क किया है।
2018 के बाद यानी पांच साल बाद इस बार जुलाई में डेंगू के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। दिल्ली में डेंगू के मामलों की लगातार बढती जा रही है। पिछले दिनों हुई बारिश और इसके कारण दिल्ली एनसीआर में आई बाढ़ ने राष्ट्रीय राजधानी में मच्छर जनित रोगों का खतरा काफी बढ़ा दिया है।
डेंगू ने पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया
चिकित्सकों का कहना है कि अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। हालात ये हैं कि इस साल डेंगू ने पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले हफ्ते जारी रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 22 जुलाई तक दिल्ली में डेंगू के 187 मामले दर्ज किए गए हैं। जो साल 2018 के बाद से सबसे अधिक बताए जा रहे हैं। डेंगू की सैंपल टेस्टिंग में रोगियों में गंभीर प्रकार के टाइप-2 डेंगू मामले सबसे अधिक दर्ज किए गए हैं।
स्कूलों और आम लोगों के बीच अभियान
दिल्ली में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को स्कूलों और आम लोगों के बीच डेंगू के खतरों को कम करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाना चाहिए। जिससे कि वायरस के बढ़ने पर रोक लगाई जा सके। दिल्ली में बाढ़ की स्थिति ने मच्छरों को बढ़ने के लिए पूरा अनुकूल माहौल दिया है। जिसके कारण आगामी दिनों में डेंगू के और अधिक फैलने की आशंका है।
अस्पतालों में वार्ड और बेड बनाए
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डेंगू के खतरों को देखते हुए अस्पतालों में वार्ड और बेड बनाए जा रहे हैं। इस संबंध में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) आयुक्त से चर्चा की गई है। जिससे डेंगू के सभी रोगियों को समय रहते उचित इलाज प्राप्त हो सके। सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में अधिकांश रोगियों में डेंगू के गंभीर स्ट्रेन टाइप-2 की पुष्टि हो रही है। जिसके कारण रक्तस्रावी बुखार होने का खतरा अधिक हो सकता है।

