पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह उर्फ झोटा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया है।
पंजाब और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में आरोपी को पकड़ा गया। अश्वनी कुमार मानसा में मेडिकल स्टोर चलाता है और उस पर मंगलवार को झोटा और उनके साथियों पर गोली चलाने का आरोप है। घटना के समय झोटा कथित रूप से नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर मेडिकल स्टोर संचालक से सवाल कर रहे थे और मोबाइल फोन से पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर रहे थे।
फेसबुक लाइव के दौरान चली गोली
पुलिस के मुताबिक, झोटा मंगलवार सुबह अपने कुछ साथियों और एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे।
झोटा का आरोप था कि बुजुर्ग व्यक्ति ने दुकान से कथित रूप से नशीली दवाएं खरीदी थीं। वह इस मामले को अपने मोबाइल फोन पर लाइव रिकॉर्ड कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर सामने आए करीब पांच मिनट 49 सेकंड के वीडियो में झोटा और मेडिकल स्टोर संचालक के बीच बहस होती दिखाई देती है। वीडियो में झोटा यह कहते भी सुनाई देते हैं कि दुकानदार ने पिस्तौल निकाल ली है। इसके कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई देती है।
हथियार लेकर पीछा करने का वीडियो भी आया सामने
एक अन्य वीडियो में आरोपी बताए जा रहे मेडिकल स्टोर मालिक को हथियार लेकर दुकान से बाहर निकलते और झोटा की ओर बढ़ते देखा जा सकता है।
घटनास्थल पर मौजूद लोग हथियार देखकर भागते दिखाई देते हैं। बाद में झोटा पास की एक दुकान में खून से लथपथ मिले।
उन्हें मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोलीबारी में उनके कुछ साथी भी घायल हुए।
सालासर से पकड़ा गया अश्वनी कुमार
हत्या के बाद अश्वनी कुमार फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई थीं।
बुधवार को पंजाब पुलिस ने राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर उसे सालासर से हिरासत में लिया।
रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी सालासर बालाजी मंदिर के पास एक धर्मशाला में छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया और मामले में आगे की जांच जारी है।
2023 से चला आ रहा था विवाद
पुलिस इस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश के एंगल की भी जांच कर रही है।
2023 में झोटा और उनके समर्थकों ने कथित रूप से नशीले कैप्सूल बेचने के आरोप को लेकर अश्वनी कुमार को जूतों की माला पहनाकर बाजार में घुमाया था।
उस समय अश्वनी कुमार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था, जबकि झोटा पर मारपीट और जबरन दुकान में घुसने के आरोप में केस दर्ज हुआ था।
DIG हरजीत सिंह के मुताबिक शुरुआती जांच में दोनों के बीच पुरानी व्यक्तिगत रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस अब हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
ड्रग्स के खिलाफ लंबे समय से चला रहे थे अभियान
करीब 45 वर्षीय परविंदर सिंह झोटा मानसा में नशे और मेडिकल स्टोर्स पर कथित रूप से नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जाने जाते थे।
वह अक्सर सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो के जरिए ऐसे मामलों को सामने लाते और संबंधित दुकानदारों से सीधे सवाल करते थे।
हत्या से कुछ दिन पहले भी उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कथित रूप से मानसा के मेडिकल स्टोर्स पर सिंथेटिक ड्रग्स की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस ने कहा- जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
इससे पहले पुलिस ने मुख्य आरोपी के एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया था, जबकि कुछ अन्य लोगों से पूछताछ की गई।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में इस्तेमाल हथियार, जिसे अधिकारियों ने लाइसेंसी बताया है, किन परिस्थितियों में इस्तेमाल किया गया।
हत्या के बाद पंजाब में सियासी घमासान
परविंदर झोटा की हत्या के बाद पंजाब की राजनीति भी गरमा गई है।
कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार पर कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान को लेकर सवाल उठाए हैं। ये विपक्षी दलों के राजनीतिक आरोप हैं।
AAP नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
AAP नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं है और हत्या में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं AAP सांसद मलविंदर सिंह कंग ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था और पुलिस द्वारा आरोपियों को जल्द पकड़ने का भरोसा जताया था।
मान सरकार ने बुलाई एंटी-ड्रग अभियान की समीक्षा बैठक
इस घटना के बाद पंजाब सरकार पर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 16 अक्टूबर को राज्य के एंटी-ड्रग अभियान और कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से जिलेवार आंकड़े और नशा प्रभावित इलाकों में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।
फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार से पूछताछ कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि हत्या तत्काल हुई बहस का नतीजा थी, पुरानी रंजिश से जुड़ी थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।
