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Lok Sabha Elections: 70 प्लस को नहीं देगी पार्टी टिकट, 1955 के बाद जन्मे नेता होंगे लोकसभा चुनाव लड़ने के हकदार

नई दिल्ली । आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी दिग्गज पार्टियों कांग्रेस और भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। एक तरफ जहां कांग्रेस ने उदयपुर में पार्टी की मंथन बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी अब बुजुर्ग नेताओं को टिकट नहीं देगी। वहीं अब सत्तादल भाजपा ने भी तय किया है कि पार्टी 70 प्लस नेताओं को इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतारेगी। यानी लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा 1955 के बाद जन्मे नेता जी को ही लोकसभा चुनाव का टिकट देगी। इसके लिए भाजपा ने अभी से रणनीति बननी शुरू कर दी है। इसको लेकर नई दिल्ली पार्टी कार्यालय में बुधवार देर रात भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर चुनिंदा कैबिनेट मंत्रियों, पार्टी प्रभारियों और सांसदों की एक बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम निर्णय लोकसभा चुनाव के मददेनजर लिए गए।

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बैठक में पार्टी के उच्चस्तर पर इस मामले को लेकर सहमति बनी कि अब मौजूदा सांसदों में जिनका जन्म 1955 के बाद का है उनको ही दोबारा लोकसभा चुनाव में टिकट दिया जाएगा। यानी 70 प्लस के नेताओं को भाजपा इस लोकसभा चुनाव में बाहर का रास्ता दिखाएगी। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी के मौजूदा 301 सांसदों में 81 को इस बार लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा। यानी ये सांसद 2024 में लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। हालांकि इसमें एक-दो अपवादों हो सकते हैं और उनको इस नियम से छूट दी जा सकती है।

बता दें कि बीते लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने 70 साल से अधिक सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल न करने का फैसला लिया था। जिसके बाद पार्टी इस नियम का पालन अभी तक कर रही है। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि नए युवा नेताओं को तभी मौका मिलेगा जब पुराने कार्यकर्ता और नए लोगों के लिए रास्ता साफ होगा। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की माने तो यह 70 प्लस वाले नेताओं का टिकट काटना नहीं बल्कि बैटन अपने से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को सौंपने जैसा है। बता दें कि 2024 तक भाजपा के 25 फीसदी सांसद 70 वर्ष के ऊपर के हो जाएंगे। 17वीं लोकसभा में भाजपा के 25 प्रतिशत सांसद 2024 के चुनाव तक 70 प्लस पार हो जाएंगे। 1956 से पहले जन्मे मौजूदा सांसदों में इस समय उप्र के 12, गुजरात के 10, कर्नाटक के नौ, महाराष्ट्र के पांच, झारखंड के दो, बिहार के 6, मध्य प्रदेश के 5 और राजस्थान के पांच हैं।

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भाजपा ने 70 प्लस वाला फार्मूला लागू किया तो पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को इस बार 2024 में लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं मिलेगा। इनमें हेमा मालिनी, वीके सिंह (गाजियाबाद),रीता बहुगुणा जोशी (इलाहाबाद), सत्यपाल सिंह (बागपत),सदानंद गौड़ा (बेंगलूरु),राव साहेब दानवे (जालना),अश्विनी चौबे (बक्सर), एसएस अहलूवालिया (वर्धमान), किरण खेर (चंडीगढ़),रतनलाल कटारिया (अंबाला), श्रीपद नायक (गोवा), अर्जुनराम मेघवाल (बीकानेर), रविशंकर प्रसाद (पटना साहिब), सीआर पाटिल (नवसारी), गिरिराज सिंह (बेगूसराय), राव इंद्रजीत सिंह (गुड़गांव), आरके सिंह (आरा), राधामोहन सिंह (पूर्वी चंपारण) इस फॉर्मूले के जद में आएंगे।

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