Parliament Monsoon Session: आज लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने देशद्रोह कानून से संबंधित सीआरपीसी संशोधन बिल पेश किया। इस बिल के पास होने के बाद देशद्रोह कानून खत्म होगा। वहीं आज संसद में मणिपुर हिंसा और अधीर रंजन के निलंबन को लेकर संहंगामा जारी रहा। कांग्रेस ने अधीर रंजन के निलंबन की वापसी की अपील की। मानसून सत्र के अंतिम दिन की शुरुआत हंगामेदार रही। लोकसभा में हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे के बाद जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से हंगामा होने लगा। लेकिन लोकसभा हंगामे के बीच भी चलती रही। बीते दिन, मोदी सरकार के खिलाफ संसद में विपक्ष के लाया गया अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) भारी मतों से गिर गया था। प्रस्ताव पर जवाब देते हुए पीएम ने कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को आड़े हाथों लिया था। पीएम मोदी ने यूपीए के शासनकाल के दौरान हुए घोटालों की याद दिलाई थी।
प्रस्ताव पर वोटिंग के बाद सदन की कार्रवाई में बाधा डालने के चलते कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी को निलंबित कर दिया था। लोकसभा से अधीर रंजन चौधरी के निलंबन के खिलाफ विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन के सांसदों ने लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। विपक्ष ने संसद में Dr. Ambedkar की प्रतिमा तक शांति मार्च किया।
भारतीय न्याय संहिता विधेयक 2023 सहित तीनों न्याय संबंधी कानून पेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में भारतीय न्याय संहिता विधेयक, 2023 भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक पेश किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में भारतीय संहिता सुरक्षा विधेयक 2023 पर चर्चा करते हुए कहा कि 1860 से 2023 तक देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अंग्रेजों द्वारा बनाए कानूनों के अनुसार कार्य करती रही है। अब तीन कानून बदल जाएंगे और देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा। भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इनको लोकसभा में पेश किए।
