उदयपुर। उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर का आज दूसरा दिन है। चिंतन शिविर में कल दिन भर बैठकों का दौर चला। देर रात तक वरिष्ठ नेता मंथन में जुटे रहे। वहीं अब कांग्रेस में कुछ बड़े बदलाव की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। सबसे अहम बदलाव आने वाले आम चुनाव में टिकट देने के फार्मूले को लागू करने को लेकर हुआ है। अभी तक जो जानकारी सूत्रों से मिली है उसके अनुसार अब कांग्रेस एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को ही पार्टी का टिकट चुनाव में देगी। उदयपुर चिंतन शिविर में संगठन में बदलाव और राजनीतिक मसलों पर बने पैनल ने यह सिफारिश की।
Also read: कांग्रेस के चिंतन शिविर में भी गुटबाजी
कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि पैनल में यह चर्चा हुई कि एक परिवार से एक टिकट फार्मूले को लागू किया जाए। जिसको टिकट दिया जाए उसने पार्टी में कम से कम पांच साल तक काम किया हो। किसी नए नेता को टिकट नहीं दिया जाए। इसके अलावा दूसरी पार्टी से आने वालों नेताओं को टिकट नहीं दिया जाए। कांग्रेस ने इस नियम से गांधी परिवार को छूट दी है। टिकट बंटवारे का यह फार्मूला सोनिया गांधी एंड फेमिली पर लागू नहीं होगा।
माकन ने कहा कि यह भी सिफारिश की गई कि पार्टी में लगातार पांच साल काम करने के बाद किसी को दूसरा पद तुरंत नहीं दिया जाए। इसके लिए कम से कम तीन साल का गैप रहे उसके बाद ही आगे पद दिया जाए। नेता का बेटा या दूसरे नेता टिकट लेने के इच्छुक है तो उसको पांच साल पार्टी के लिए काम करना होगा। अजय माकन ने संगठन में हो रहे बदलावों को लेकर ये जानकारी मीडिया से भी साझा की है। कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव संगठन चुनाव प्रक्रिया के तहत होगा।
Also read: कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचीं उदयपुर, CM गहलोत ने की आगवानी
कांग्रेस अध्यक्ष के चयन का चिंतन शिविर से कोई संबंध नहीं। अगर कांग्रेस में टिकट बंटवारे का यह फार्मूला लागू होता है तो पैराशूट प्रत्याशियों को टिकट नहीं दिया जाएगा। बता दें कि कांग्रेस में बड़ी संख्या में पैराशूट प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे जाते हैं। पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी ऐसा हो चुका है।
