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Uttarakhand News: उत्तराखंड में फैली आदमखोर बाघों की दहशत,अब तक जा चुकी 11 जानें

देहरादून। उत्तराखंड में आदमखोर बाघों की दहशत फैली हुई है। आदमखोर बाघ अब तक 11 लोगों की जान ले चुके हैं। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाहक पर जा रहे एक युवक को बाघ खींचकर ले गया। बाघ का शिकार हुए युवक का एक ​हाथ एक दिन बाद मिला। उसके दूसरे दिन दूसरे हाथ का कंकाल मिला। कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में इन दिनों आदमखोर बाघों की दहशत बरकरार है। इससे अधिक चौंकाने वाली बात है कि इस वर्ष जुलाई में अभी तक बाघों के हमलों में 11 लोगों की जान जा चुकी हैं।  ये आंकड़े चौंकाऊ इसलिए हैं क्योंकि पिछले साल की तुलना में इस साल अब तक पांच और पांच साल पहले की तुलना में बाघों के हमले से दोगुनी मौत हुई है। 

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आंकड़ों पर गौर करें तो मोहान के पास से शनिवार देर शाम एनएच-309 पर बाइक सवार को बाघ खींच कर ले गया। इससे हड़कंप मच गया। रविवार को इस युवक का एक हाथ अवशेष सोमवार को। जबकि दूसरा हाथ कंकाल और हथेली मिली। घटना के बाद से क्षेत्र में डर का माहौल है। ग्रामीण अभी तीन बाघों का आतंक बता रहे हैं। जबकि कॉर्बेट प्रशासन दो  बाघों का आतंक बता रहे हैं। वन विभाग ने पिंजरे लगाने का दावा करते हुए दूसरे बाघ को पकड़ने की बात कही है। तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इस तरह के रवैये को विभाग की औपचारिकता करार दे रहे हैं। इस पूरे मामले के बीच बाघ के आतंक के बारे में समझा जाए, तो हालात चिंताजनक हैं। 2020 में जहां बाघ के हमले में कोई जान नहीं गई थी। वहीं इस साल अब तब सात महीने से कम समय में 11 लोगों की मौत होना विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय है। पिछले दिनों एक आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए छह महीनों सर्च अभियान चर्चा में रहा था। कभी बाघ के हमले में वन​ विभाग के  अधिकारी की मौत भी हुई है। इस पर एक्सपर्ट कह रहे हैं कि नतीजे पर पहुंच जाना कि बाघ आदमखोर है। यह जल्दबाज़ी होगी अगर सारे तथ्य नहीं खंगाले हैं।

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