पाकिस्तान धीरे-धीरे गहरे आर्थिक संकट की ओर जा रहा है, जहाँ आज सरकार ने इसी को देखते हुये पेट्रोल-डीजल और बिजली के दाम बढ़ा दिये हैं। बता दें कि पेट्रोल-डीजल के दाम 30 रुपये और बिजली के दाम 7 रुपये बढ़ा दिये गये हैं, जहाँ आम लोंगो को तिहरी मार झेलनी पड़ रही है। दूसरी ओर इंटरनेशनल मॉनिटरी फण्ड IMF ने भी पाकिस्तान को 7 दिन तक चली बातचीत के बाद भी कर्ज देने पर हामी नहीं भरी है, पाकिस्तान IMF से 6 अरब डॉलर का कर्ज माँग रहा था।
वहीं इस मामले पर बोलते हुये पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा कि सरकार के पास फ्यूल रेट को बढ़ाने के अलावा कोई चारा नहीं था, क्योंकि अभी भी हम प्रति लीटर 56 रुपये की सब्सिडी दे रहें हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान ने सरकार को चेतावनी देते हुये 6 दिन में आम चुनाव कराने को कहा है, वहीं अगर ऐसा नहीं होगा तो वह फिर से इस्लामाबाद की ओर कूच करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि इस दौरान अगर हिंसा होती है तो सरकार की इसकी जिम्मेदार होगी, वह इस दौरान पूरे देश में धरना प्रदर्शन करेंगे।
दूसरी ओर IMF ने इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पाकिस्तान को दी जाने वाली 8 अरब डॉलर की फंडिंग रोक दी थी, क्योंकि पाकिस्तान को पहले ही 2 अरब डॉलर की किश्त दी जा चुकी थी। वहीं यह 2 अरब डॉलर इमरान खान के समय ही खत्म हो गये थे, जिसके बाद सरकार ने IMF के पास इसके लिये बातचीत का दौर शुरू किया जोकि बेनतीजा रहा। वहीं इसके लिये पकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम दोहा पहुँची थी, जहाँ उन्होंने IMF को इसके लिये बहुत मनाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बन पायी। दूसरी ओर पाकिस्तान की हालिया सरकार यह चाहती है कि IMF किसी तरह दो महीने के लिये लोन की तीसरी किश्त जारी कर दे, जिससे देश पटरी पर आ सके, लेकिन ऐसा हो न सका।
