इस्लामाबाद। पाकिस्तान के हालात भी अब श्रीलंका जैसे होने की कगार पर हैं। आर्थिक कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़ ने तड़के का काम किया। इस बाढ़ ने पाकिस्तान के कपड़ा उद्योग को तोड़कर रख दिया। कपास की फसल बाढ़ में बर्बाद हो जाने से परेशान व्यापार निकाय ने भारत से कपास खरीदने की गुहार लगाई है। इसे लिए व्यापार निकाय ने अनुमति देने के लिए शहबाज शरीफ सरकार से संपर्क किया। सिंध,पंजाब में कपास उत्पादकों को जो नुकसान हुआ है। उसके मद्देनजर पाकिस्तान टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने अब वाघा बार्डर के माध्यम से भारत के साथ व्यापार का प्रस्ताव रखा।
निर्यातकों के शुरुआती अनुमानों का हवाला देते हुए कहा है कि कपास की फसल का कुल 25 फीसद नुकसान हुआ है और पाकिस्तान में अब कच्चे माल की कमी की संभावना होने लगी है। ऐसे मे भारत से कपास आयात करने से इस संकट से बचा जा सकता है। पाकिस्तान टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक खुर्रम मुख्तार ने कहा कि हमने अपनी एक मांग पर गौर करने के लिए वित्तमंत्री मिफ्ताह इस्माइल से संपर्क किया। खुर्रम मुख्तार ने कहा कि हमें भारत से 25 लाख गांठ आयात करने की जरूरत है।
उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने दुनिया से पाकिस्तान की मदद करने की अपील की है। एकजुटता दिखाने के लिए दो दिनी दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे गुटेरस ने कहा कि दक्षिण एशियाई मुल्क विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहा है। जिसमें हजारों लोगों की मौत हुई है। इसमें सवा तीन करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि वो विश्व बिरादरी से बड़े पैमाने पर मदद की अपील कर रहे हैं। वह बलोचिस्तान व सिंध प्रांत का भी दौरा करेंगे। गुटेरस ने पाकिस्तान में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ का कहर देखने के बाद कहा कि मानवता ने प्रकृति के खिलाफ युद्ध का बिगुल अब बजा दिया है। प्रकृति ने गलत ठिकानों पर हमला शुरू किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जलवायु संकट को युद्ध की तरह लेते हुए इससे निपटने की अपील की।
