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हमारा संविधान भवनों से नहीं, भावनाओं से बचेगा: सोनिया गाँधी


हमारा संविधान भवनों से नहीं, भावनाओं से बचेगा: सोनिया गाँधी

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि देश विरोधी, गरीब विरोधी तथा जनता को एक दूसरे से लड़ा कर राज करने वाली ताकतें देश में नफरत और हिंसा का जहर घोल रही हैं। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी संकट में है और वे चाहते हैं कि हमारे आदिवासी, महिलाएं, युवा और देश मुंह बंद रखे। सोनिया गांधी ने शनिवार को नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया और राज्य की जनता को बधाई दी।

संसद और विधानसभाएं पवित्र मंदिर
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा ‘‘छत्तीसगढ़ विधानसभा का गठन हुए 20 वर्ष हो रहे हैं लेकिन विधानसभा का नया भवन अब बनेगा। विधायिका हमारे लोकतंत्र का सबसे बड़ा तथा सबसे अहम स्तंभ है। संसद और विधानसभाएं हमारे लोकतंत्र के पवित्र मंदिर हैं और इन्हीं मंदिरों से हमारे संविधान की रक्षा होती है। लेकिन याद रखना होगा कि हमारा संविधान भवनों से नहीं, भावनाओं से बचेगा। इन भवनों में दूषित और गलत भावनाओं के प्रवेश को रोकना होगा तब ही हमारा संविधान बचेगा।’’

लोकतंत्र के सामने नई चुनौतियां
सोनिया गांधी ने कहा ‘‘ हमने पिछले सात दशकों में बड़ी दूरी तय की है। लेकिन आजादी की लड़ाई के दौरान जो प्रण हमने किया था उसे पूरा करने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।’’ उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से हमारे देश को पटरी से उतारने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा ‘‘हमारे लोकतंत्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई है।

पूर्वजों ने नहीं की होगी यह कल्पना
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा ‘‘दो वर्ष बाद हमारी आजादी को 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, आधुनिक भारत के निर्माता पंडित जवाहरलाल नेहरू, संविधान रचयिता बाबा साहब अंबेडकर सहित हमारे सारे पूर्वजों ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि आजादी के 75 वर्ष बाद हम ऐसे कठिन दौर का सामना करेंगे जब हमारा लोकतंत्र और संविधान ही खतरे में पड़ जाएगा।’’

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