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Rajiv Gandhi assassination convict: राजीव गांधी हत्याकांड के एक दोषी एजी पेरारिवलन की रिहाई के आदेश

नई दिल्ली। 1991 में देश को हिलाकर रख देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्याकांड के दोषियों में एक एजी पेरारिवलन की रिहाई के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिए है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पेरारिवलन की समय पूर्व रिहाई की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसला के बाद अब राजीव हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों नलिनी श्रीहरन, मरुगन, एक श्रीलंकाई नागरिक सहित अन्य 6 दोषियों की रिहाई की उम्मीद जग जाएगी।

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इसके पहले सुनवाई में केंद्र सरकार ने राजीव गांधी हत्याकांड में 30 साल से ज्यादा कारावास की सजा काट चुके एजी पेरारिवलन की दया याचिका राष्ट्रपति को भेजने के तमिलनाडु के राज्यपाल के फैसले का बचाव किया था। सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने जस्टिस एल. नागेश्वर राव, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एएस बोपन्ना पीठ को बताया था कि कानून के तहत दोषी ठहराए व्यक्ति की सजा में छूट, माफी और दया याचिका के संबंध में याचिका पर केवल राष्ट्रपति फैसला कर सकते हैं।

राजीव गांधी हत्याकांड में कोर्ट ने सात लोगों को दोषी ठहराया था। सभी दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। उसके बाद 2014 में मौत की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने  आजीवन कारावास में बदल दिया था। इसके बाद कोई राहत न मिलने के बाद दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

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2016 और 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता और एके पलानीसामी ने दोषियों की रिहाई की सिफारिश की थी। लेकिन राज्यपालों ने इसका पालन नहीं किया। जिसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया था। 21 मई 1991 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में हत्‍या कर दी गयी थी। इसके बाद 11 जून 1991 को पेरारिवलन को गिरफ्तार किया था। पेरारिवलन उस समय 19 साल का था और वह 31 साल से जेल में है।

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