मेरठ। 4 साल का तेंदुआ पल्लव (Leopard Pallava) अब शिवालिक के जंगल में करेगा राज। आज सुबह उसको सहारनपुर ले जाकर शिवालिक के जंगल में छोड़ दिया गया। डीएफओ मेरठ राजेश कुमार ने बताया कि तेंदुआ 4 साल का है और उसका नाम पल्लव रखा गया है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ पल्लवपुरम से पकड़ा गया इसलिए नाम भी पल्लव रखा गया है। पल्लव को पकड़ने के लिए उसको पहले ट्रेंकुलाइज किया गया। उसके बाद वह वन विभाग के कब्जे में आया तेंदुआ पकड़ने के बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है। डीएफओ ने बताया कि आज सुबह 7 बजे उसको शिवालिक के जंगल में ले जाया गया। जहां पर बड़ी सावधानी के साथ उसको शिलालिक के जंगल में छोड़ दिया गया। डीएफओ ने बताया कि पिजरा खोलने के बाद वह तेंदुआ काफी देर तक उसके भीतर ही रहा। लेकिन अचानक से वह एक बड़़ी छलांग लगाकर जंगल के अंदर गायब हो गया। वन विभाग ने इसको छोड़ने के लिए तीन रेंज को तय किया था। जहां पर तेंदुए के लिए भरपूर भोजन और बेहतर माहौल मिल सके। इस लिहाज से शिवालिक का जंगल सबसे मुफीद समझ आया। इसके बाद ही तय किया गया कि इसको शिवालिक के जंगल में छोड़ा जाए।


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डीएफओ राजेश कुमार (DFO Rajesh Kumar) बताया कि देर रात मेरठ से तीन वाहनों के साथ इसको सहारनपुर रवाना किया गया। तेंदुए को विशेष पिजरें में रखा गया था। जिसे रास्ते में खाना भी दिया। चार साल की उम्र एवं 80 किलो वजन के इस तेंदुए को वन विभाग ने पल्लवपुरम में घंटों चले आपरेशन के बाद रेस्क्यू किया।

