Site icon Buziness Bytes Hindi

सिर्फ 2.64 प्रतिशत मरीज़ पॉजिटिव


सिर्फ  2.64 प्रतिशत मरीज़ पॉजिटिव

चेतना अग्रवाल

मेरठ। कोविड-19 को देश में फैले हुए लगभग आठ महीने हो चुके हैं. सितम्बर शुरु होते ही इसका जबरदस्त प्रकोप सामने आ रहा है. लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो अभी तक मेरठ में सिर्फ 2.64 प्रितशत मरीज ही सामने आएं हैं. जी हां आंकड़े चौकाने वाले हैं लेकिन ये खुलासा स्वास्थ विभाग की स्टडी रिपोर्ट में हुआ है. विभाग की ओर से मार्च से अब तक होेने वाली सैंपिलंग की तुलना में ये दर बहुत कम है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब पौने दो लाख से ज्यादा लोगों की सैंपिलंग हो चुकी है.डॉक्टर्स का कहना है की मौसम बदलने के साथ वायरस फैलने का खतरा बढ़ा है लेकिन सैंपिलंग बढ़ने की वजह से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. हालांकि सावधानी रखी जाएं तो काफी हद तक इसकी चेन को तोड़ा जा सकता है.

ये है आंकड़ों का समीकरण

मेरठ जिले की बात करें तो यहां 27 मार्च 2020 को कोरोना वायरस संक्रमण का पहला केस सामने आया था. तब से अब तक 4978 पॉजिटिव मरीज सामने आएं हैं. वहीं कुल सैंपिलंग की बात करें तो 7 सितम्बर तक 188213 लोगों की जांच की चुकी है यानी कुल 2.64 प्रतिशत मरीज ही कोरोना वायरस की जद में आए हैं.


75.45 प्रतिशत रिकवरी

कोरोना वायरस को लेकर राहत भरी खबर ये भी है कि इससे रिकवर होने वाले मरीजों का आंकड़ा भी अधिक है. अभी तक जिले में 3756 मरीज रिकवर होकर घर जा चुके हैं. यानी 75.45 प्रतिशत मरीज ठीक भी हो गए है. कुल 133 मरीजों ने वायरस की वजह से दम भी तोड़ा है. ये आंकड़ा भी 2.67 प्रतिशत है. वहीं 21.87 प्रतिशत मरीज अब जिले में एक्टिव कंडीशन में हैं. आंकड़े 7 सितम्बर तक हैं.

दूसरी बीमारियां बन रही मौत की वजह

कोरोना वायरस को लेकर एक्सपटर्स का कहना है की दूसरी गंभीर बीमारियां भी इसमें बड़ी वजह बन रही हैं. मरीजों की स्टडी रिपोर्ट्स के अनुसार हाई रिस्क फैक्टर और कमजोर इम्यूिनटी कोरोना को शिकस्त देने में कामयाब नहीं हो पा रही है. डॉक्टर्स के मुतािबक अधिकतर मरीजाें में पहले से ही डायबिटीज, हायपरटेंशन व बीपी की शिकायत देखने में आ रही थी जबिक सीपीओडी यानी क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मनरी भी इसमें बड़ी भूिमका निभा रहा है. ये वायरस रेस्पेरेटरी सिस्टम पर वार करता है. एक्यूट निमोनिया के साथ कई बार मल्टीपल ऑर्गन फेलियर भी होता है. ऑक्सीजन लेवल घट जाता है. मरीज रिकवरी नहीं कर पाते हैं.

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए सबसे जरूरी है एहितयात. अगर लोग प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करें तो इससे पूरी तरह से बचा जा सकता है. इस सीजन में फ्लू फैलता है ऐसे में वायरस एक्टिव हो जाता है. ऐसे में इससे लड़ने की जरूरत हैं.

डा. वेद प्रकाश, ओएसडी, मेरठ.

Exit mobile version