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कुंभ में बनाए गए एक लाख फर्जी कोविड सर्टिफिकेट! जांच के आदेश


कुंभ में बनाए गए एक लाख फर्जी कोविड सर्टिफिकेट! जांच के आदेश

नई दिल्ली: हरिद्वार में हुए कुंभ के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जी कोविड टेस्ट के सर्टिफिकेट जारी करने का नया खुलासा हुआ है, यह खुलासा उत्तराखंड पुलिस ने किया है। इस खुलासे में कुछ प्राइवेट लैब के नाम सामने आए हैं जहाँ भारी संख्या में फ़र्ज़ी कोविड प्रमाणपत्र बनाने की बात सामने आये है। इस खुलासे के बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

कुम्भ के लिए फ़र्ज़ी प्रमाणपत्र बनवाये
दरअसल जब कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पीक पर थी तभी कुंभ मेले का आयोजन किया गया था। जिसके बाद बड़े पैमाने पर इस पर सवाल उठाए गए थे। तब संक्रमण के मामलों में भी काफी इजाफा हुआ था। लोगों ने कुंभ में शामिल होने के लिए बड़े पैमाने पर धांधली की और फर्जी तरीके से कोविड सर्टिफिकेट बनवाए।

जाँच समिति गठित
हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने शनिवार को कहा कि मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है जो आरोपों की जांच करेगी और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन के परीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई सभी प्रयोगशालाओं को जारी जांच के कारण भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है।

निजी लैब निशाने पर
प्रारंभिक जांच के बाद हरिद्वार प्रशासन द्वारा विस्तृत जांच का आदेश दिया गया था कि जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई निजी प्रयोगशालाओं ने उनके पहचान पत्र और फोन नंबरों के आधार पर कई लोगों के नाम पर फर्जी कोविड परीक्षण रिपोर्ट जारी की थी।

एक लाख से अधिक प्रमाणपत्र जारी होने की बात
कथित अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच कोविड मामलों के मुख्य नियंत्रण अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी द्वारा की गई थी, उन्होंने ही मामले की विस्तृत जांच की सिफारिश की थी। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने कहा कि आशंका है कि निजी प्रयोगशालाओं द्वारा इस तरह के एक लाख से अधिक परीक्षण के परिणाम जारी किए गए हैं।

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