लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव (MLC election 2022) के लिए नामांकन के पहले चरण के लिए कल यानी 21 मार्च को आखिरी दिन है। भाजपा ने पूर्वांचल की छह एमएलसी सीटों में से अब तक केवल तीन सीटों पर ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। वाराणसी, जौनपुर और मिर्जापुर सीट से भाजपा ने अब तक प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। इसे लेकर तरह-तरह की सियासी चर्चाएं हो रही हैं। कहा जा रहा है कि BJP ने राजपूत बाहुबलियों और उनके करीबियों के लिए मैदान छोड़ दिया है।
आजमगढ़ से निवर्तमान विधायक अरुण कुमार यादव को मैदान में उतारा है। वहीं बलिया से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पौत्र रविशंकर सिंह पप्पू और गाजीपुर से विशाल सिंह चंचल को प्रत्याशी बनाया है। सबकी निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की सीट पर टिकी है। लोग जानना चाहते हैं कि इस सीट से पार्टी किसे अपना उम्मीदवार बनाएगी।
नाराजगी भी खत्म करने की कोशिशें
गाजीपुर एमएलसी सीट से विशाल सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। 2016 में निर्दल प्रत्याशी के रूप में गाजीपुर सीट से एमएलसी निर्वाचित हुए थे। बाद में विशाल सिंह चंचल भाजपा में शामिल हो गए। मूल रूप से कारोबार से जुड़े विशाल दूसरी बार एमएलसी का चुनाव लड़ रहे हैं। आजमगढ़-मऊ क्षेत्र से एमएलसी पद के प्रत्याशी के रुप में फूलपुर पवई क्षेत्र से निवर्तमान विधायक अरुण कुमार यादव को प्रत्याशी घोषित किया है। अरुण फूलपुर पवई से नवनिर्वाचित बाहुबली विधायक रमाकांत यादव के बेटे हैं। वह साल 2005 में पहली बार बसपा (BSP) से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे। इसके बाद साल 2007 में सपा से फूलपुर से विधायक चुने गए। साल 2012 में भाजपा के टिकट पर अंबेडकर नगर जिले के जलालपुर विधान सभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। साल 2017 में भाजपा के टिकट पर फूलपुर पवई क्षेत्र से विधायक बने। बलिया एमएलसी सीट से रविशंकर सिंह पप्पू को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है। पप्पू सिंह पिछले तीन बार से एमएलसी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पौत्र रविशंकर सिंह पप्पू पहली बार वर्ष 2003 में विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए थे।
वाराणसी में बाहुबली को टिकट
वाराणसी से बाहुबली विधान परिषद बृजेश सिंह लगातार दूसरी बार निर्दल प्रत्याशी के तौर पर किस्मत आजमा रहे हैं। वाराणसी की सेंट्रल जेल में लंबे अरसे से बंद बृजेश सिंह वर्ष 2016 में एमएलसी का चुनाव (MLC election) लड़े थे तो उन्हें बीजेपी का समर्थन मिला था। इस बार भी वाराणसी स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी ने अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, जिस कारण से चर्चा है कि बृजेश सिंह के लिए इस बार भी मैदान खाली छोड़ दिया है। हालांकि, बृजेश सिंह की पत्नी पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा ने भी नामांकन दाखिल किया है।
प्रिंसू ने निर्दल प्रत्याशी के तौर पर इस बार भरा नामांकन पत्र
जौनपुर स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान समय में बृजेश कुमार सिंह उर्फ प्रिंसू एमएलसी हैं। प्रिंसू को पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह का करीबी बताया जाता है। प्रिंसू ने निर्दल प्रत्याशी के तौर पर इस बार नामांकन पत्र लिया है। भाजपा ने जौनपुर स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से भी अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इसे लेकर जौनपुर जिले के राजनीतिक गलियारों में खुसुर-फुसुर चल रही है। चर्चाएं हैं कि धनंजय सिंह खुद के लिए भाजपा गठबंधन से भले ही विधानसभा का टिकट नहीं ले सके, लेकिन उन्होंने अपने करीबी प्रिंसू के लिए जुगाड़ कर दिया है। संभावना जताई जा रही है कि प्रिंसू भाजपा से नहीं तो उसके सहयोगी अपना दल (एस) के प्रत्याशी हो सकते हैं।
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मिर्जापुर में स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं
मिर्जापुर स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र से भी भाजपा (BJP) ने अपना प्रत्याशी अब तक घोषित नहीं किया है। यहां से पूर्व एमएलसी बाहुबली श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हुए हैं। बीजेपी में विनीत की एंट्री तो नहीं हो सकी है, लेकिन बीते साल जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अपना दल (एस) के लिए किए गए उनके प्रयासों को सभी ने देखा है। इसे लेकर चर्चाएं हैं कि आखिरी समय में बात बन गई तो विनीत सिंह भाजपा गठबंधन के अपना दल (एस) के एमएलसी प्रत्याशी हो सकते हैं।

