मेरठ। मेरठ का राजकीय इंटर कालेज जो कभी महानगर की शान हुआ करता था। जीआईसी के नाम से प्रसिद्ध इस कालेज में कभी एडमिशन के लिए जिलाधिकारी तक की सिफारिश लगाई जाती थी। बदहाली के दौर से गुजर रहे राजकीय इंटर कालेज को एक नई पहचान देने और इसकी बदहाल व्यवस्था को सुधारने के लिए पुरातन छात्र और शिक्षक आगे आए हैं। इसी को लेकर आज राजकीय इण्टर कालेज मेरठ में विद्यालय के गौरव पुरातन छात्र एवं शिक्षकों की एक बैठक हुई। जिसमें राजकीय इण्टर कालेज मेरठ को उसका खोया गौरव दिलाने का निर्णय लिया गया।
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इस बैठक में 1962 बैच के छात्र रहे विनोद सोबती एवं रमाकांत गुप्ता ने कालेज की कम्प्यूटर लैब का रिनोवेशन कराकर दस कम्प्यूटर और एक एलईडी तथा एक प्रिन्टर भेट किये। जिससे राजकीय इण्टर कालेज मेरठ के छात्र एक भव्य और सुसज्जित लैब में कम्प्यूटर शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। बैठक में तय हुआ कि 1979 बैच के छात्रों की संस्था हमसफर कालेज के खेल मैदान एक शैड का निर्माण कराएगी। इसके अलावा 1962 बैच के छात्र रहे इं• विनोद सोबती और इं• रमाकांत गुप्ता एक शैड बैठक सहित पर दो शैड बैठक व्यवस्था सहित तैयार कराएंगे। इस दौरान बैठक में 100 दिवस के अन्तर्गत 20 सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की गई। जिसमें आगामी एक जुलाई से कालेज नए और आर्कषक कलेवर मे दिखाई देगा।
बैठक मे हमसफ़र संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर विनय अग्रवाल, सचिव अतुल सक्सेना, डॉक्टर कपिल सेठ के अलावा जीआईसी में पढ़ने वाले 1962 बैच के छात्र इं• रमाकांत गुप्ता , इ• विनोद सोबती उपस्थित रहे। इस दौरान प्रधानाचार्य सुनील कुमार भड़ाना , उपप्रधानाचार्य अनिल दत्त शर्मा, विद्योत्तमा मिश्रा, डा• आशीष शर्मा, धर्मवीर सिंह,राजेन्द्र लोधी, सतीश कुमार,पवित्रा देवी, नीना त्यागी, सुषमा यादव, जयंत चक्रवर्ती,अभय श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
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