नई दिल्ली। इस समय देश और पूरा विश्व कोरोना संक्रमण से लड़ रहा है। कोरोना संक्रमण को सबसे घातक जानलेवा बताया जा रहा है। जबकि कोरोना के आने से पहले से ही देश में एक ऐसी बीमारी धीरे-धीरे लोगों केा अपनी चपेट में ले रही है जो इससे भी घातक होती जा रही है। ये बीमारी है एचआईवी यानी एड्स। देश में पिछले 10 साल में करीब 17 लाख लोग HIV से संक्रमित हुए हैं। यानी हर साल एक लाख 70 हजार लोग AIDS से पीड़ित हो रहे हैं।
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HIV या एड्स से पीडित होने का कारण असुरक्षित यौन संबंध को बताया जा रहा है। एक RTI में यह जवाब राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ने दिया है। जिसमें ये आंकड़े दिए गए हैं। असुरक्षित यौन संबंध से 2011—12 में 2.40 लाख लोगों में एड्स की बीमारी पाई गई थी। लेकिन दस साल बाद यानी 2020-21 में यह संख्या घटकर मात्र 85,268 रह गई है।
HIV संक्रमण के सर्वाधिक मामले आंध्र प्रदेश में हैं। जहां पर 3,18,814 एडस के मामले दर्ज किए गए हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट जहां पर 2,84 एचआईवी पीडित हैं। तीसने नंबर पर कर्नाटक 2,12 लाख, चौथे नंबर पर तमिलनाडु 1,16 लाख। पांचवें नंबर पर उत्तर प्रदेश में 1,10 लाख एड्स पीडित हैं। हालांकि अब एचआईवी संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है।
