लखनऊ। बीते मात्र चार दिनों में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डेंगू के 61 मरीज सामने आए। हेल्थ डिपार्टमेंट की एक रपट कहती है कि, शनिवार से बुधवार तक दर्ज केस के मुताबिक, शहर में बीती जनवरी माह से अब तक डेंगू मरीजों की यह संख्या 811 तक पहुंच गई है। हालांकि, सूबे अन्य शहरों में भी डेंगू तेजी से पांव पसार रहा है पर, माना जाता है कि, लखनऊ की संख्या दूसरे शहरों के मुकाबले अधिक है।
लखनऊ से इतर अगर अन्य शहरों की तरफ नजर उठायें तो फिरोजाबाद और मथुरा के बाद डेंगू ने अब कानपुर में भी अपनी आमद दर्ज करा दी है। बुंदेलखण्ड और मध्य उत्तर प्रदेश के जनपदों में गुजरे 24 घंटों के दौरान डेंगू व वायरल फीवर से दस लोगों की मौत हो गई। अब तक यहां 21 लोगों की जानें जा चुकीं हैं। जान गंवाने वालों में इनमें बड़े और बच्चे भी शामिल हैं। झांसी में डेंगू के दस पेशेंट मिले। उधर वायरल फीवर से भी एक नोजवान की इलाज के दौरान मूत्यु हो गई।
Read also: दिल्ली में डेंगू-मेलरिया पसार रहे पांव, अब तक डेंगू के 97 मामले दर्ज
चित्रकूट में बुधवार को फीवर के चलते तीन और लोग जान गंवा बैठे। यहां वायरल फीवर से अभी तक ग्यारह से अधिक मृत्यु हो चुकीं हैं। उधर, महोबा में भी डेंगू बुखार का पहला पेशेंट सामने आया है। उरई में अभी तक डेंगू के ग्यारह मामलों की पुष्ठि की जा चुकी है। इनमें से एक मरीज पहले ही जान गंवा चुका है।
फतेहपुर में भी बुधवार को डेंगू से एक लड़के की मृत्यु मानी गई। शहर के अस्पताल में दिखाने के बाद घर वाले उसे अच्छे इलाज के लिए कानपुर ले आये थे। यहां भी उसकी जान नहीं बच सकी। बताया जा रहा है कि, कानपुर में ही एक सप्ताह में फीवर से चार अन्य शहरवासियों की मृत्यु हो चुकी है। उधर, फर्रुखाबाद में वायरल फीवर के चलते दो महिलाओं और एक मासूम लड़की की मृत्यु हो गई। कन्नौज में भी एक की जान जाने की खबर है। यहां डेंगू के पांच ताजे केस सामने आए हैं। इतना ही नहीं यहां के तमाम अस्पतालों में बुखार से ग्रसित लगभग 30 मरीज एडमिट हैं।
Read also; मुख्यमंत्री ने फिरोजाबाद में जाना मरीजों का हाल, मृतकों के परिजनों से भी मिले
इस बीच राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि, 7 सितम्बर यानि मंगलवार से हेल्थ टीम हर घर तक पहुंच कर फीवर, क्षय रोग और कोविड लक्षण वाले नागरिकों को चिन्हित कर रही है। यह मिशन 16 सितम्बर तक चलता रहेगा। बताया कि सूबे में डेंगू की स्थिति काबू में है। राज्य में जलभराव व जल से होने वाली बीमारियों डेंगू, मलेरिया वगैरह रोगों से बचाव के लिए निरन्तर जागरूकता अभियान चलता रहेगा।

