लखनऊ: उत्तर प्रदेश का मथुरा शहर अब अमेरिका मे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को बेताब है जिसके पीछे वजह है उत्तर भारत का पहला गामा विकिरण प्रसंस्करण (जीआरपीएफ) सुविधा युक्त पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज जोकि अब मथुरा मे बन कर तैयार हो गया है । इस GRPF पैकहाउस के जरिए अब अमेरिका, ब्राजील, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा में रहने वाले लोग यूपी -दिल्ली, उत्तराखंड व् राजस्थान में उगाए गए आलू, प्याज, गोभी, मटर, बंदगोभी, हरीमिर्च, अदरक, आवंला, आम, अमरुद, लीची, जामुन व् कई तरह के मसालों का स्वाद चख सकेंगे। इस जीआरपीएफ पैक हाउस से कृषि एवं फल कारोबार से जुड़े कारोबारीयों और लाखों किसानों को फायदा होगा। उनके द्वारा उगाए फल, सब्जी व् मसाले अब आसानी से अमेरिका, ब्राजील, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, जैसे कई देशों मे भेजे जा सकेंगे।
UP देश में फल और सब्जियों का सबसे बड़ा उत्पादक माना जाता है। फिर भी यंहा फलों और सब्जियों की 10 फीसदी से कम की प्रोसेसिंग होती है। बड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थ हर साल बर्बाद हो जाते हैं। यही वजह है की किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल पाता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिक्कत को समझा और स्वयं इसका संज्ञान लिया। और उन्होंने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक खाद्य प्रसंस्करण नीति 2017 बनवाई।
2017-19 के बीच मादक पदार्थों की तस्करी के 1.99 लाख मामले हुए दर्ज
UP सरकार की इस नीति से प्रभावित होकर कई छोटे तथा बड़े निवेशकों ने इसमे रूचि दिखाई। इन निवेशकों में फल -सब्जी के क्षेत्र में 81 ने , खाद्यान्न मिलिंग के क्षेत्र में 397 ने, उपभोक्ता उत्पाद के क्षेत्र में 232 ने, तिलहन प्रसंस्करण के क्षेत्र में 27 ने, , दुग्ध प्रसंस्करण के क्षेत्र में 35 ने, मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में 08, हर्बल प्रोसेसिंग के क्षेत्र में 03 ने, दलहन प्रसंस्करण के क्षेत्र में 15 ने अंत मे रेफर वैन के क्षेत्र में 10 ने अपनी फैक्ट्री लगाने के लिए सरकार से जमीन की मांग की है |

