धूम्रपान करने वाले लोग भी किफायती दाम में टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीद सकेंगे

बिज़नेसधूम्रपान करने वाले लोग भी किफायती दाम में टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीद...

Date:


धूम्रपान करने वाले लोग भी किफायती दाम में टर्म लाइफ इंश्योरेंस खरीद सकेंगे

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में धूम्रपान करने वाले लोगों की संख्या करीब 12 करोड़ है, जो दुनियाभर में धूम्रपान करने वाली कुल आबादी का 12 फीसदी है। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि तंबाकू के सेवन की वजह से भारत में हर साल 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हो जाती है। भारत में धूम्रपान करने वाले लोगों में 70 फीसदी वयस्क पुरुष हैं,

जबकि 13-15 फीसदी वयस्क महिलाएं हैं। इंडियन हार्ट असोसिएशन के मुताबिक, भारत में इतनी ज्यादा संख्या में तंबाकू सेवन करने वाले लोगों के कारण दुनियाभर में हृदय रोग से जुड़े कुल 83 फीसदी मामले भारत से हैं, जबकि इस देश की कुल आबादी दुनिया की कुल आबादी का महज 20 फीसदी है।

धूम्रपान और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम

संतोष अग्रवाल,पॉलिसी बाजार डॉट कॉम की चीफ बिजनेस ऑफिसर ने कहा  गौर करने वाली बात यह है कि धूम्रपान न सिर्फ आपके स्वास्थ्य पर असर डालता है, बल्कि इसका असर आपके लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पर भी पड़ता है। कई लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के अंडरराइटिंग नियमों के मुताबिक, ग्राहक के लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर जॉब प्रोफाइल से ज्यादा, धूम्रपान की लत का असर पड़ता है। लो रिस्क जॉब प्रोफाइल वाले लोगों जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर, बैंकर्स और मार्केटिंग कंसल्टैंट की तुलना में हाई रिस्क जॉब वाले लोगों, जैसे कंस्ट्रक्शन वर्कर्स और जेल में काम करने वाले अधिकारियों के लाइफ इंश्योरेंस का प्रीमियम कम होता है। जॉब प्रोफाइल की ही तरह इंश्योरेंस कंपनियां उपभोक्ताओं को दो अलग-अलग सेगमेंट स्मोकर्स और नॉन स्मोकर्स में बांटती हैं। अंडरराइटिंग के नियमों और रिस्क प्रोफाइल को देखते हुए कम रिस्क प्रोफाइल वाले स्मोकर्स को हाई रिस्क जॉब वाले नॉन स्मोकर्स की तुलना में लाइफ इंश्योरेंस के लिए अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है।

लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर धूम्रपान का इतना ज्यादा असर क्यों पड़ता है, इसका कारण धूम्रपान की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाला बेहद प्रतिकूल प्रभाव है। अलग-अलग किए गए अध्ययन के मुताबिक, हाई रिस्क जॉब के कारण भले ही लोगों की मृत्यु न हो, लेकिन धूम्रपान, कई तरह के जानलेवा रोगों जैसे फेफड़े का कैंसर, स्ट्रोक्स, दिल से जुड़ी बीमारियां और टीबी जैसे रोगों का प्राथमिक कारण बनता है। ऐसा कई दशकों से देखा जा रहा है। यही कारण है कि धूम्रपान करने वाले लोगों की मौत की आशंका अधिक होती है, इसलिए उन्हें ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ता है। धूम्रपान करने वाले लोगों को लाइफ इंश्योरेंस के लिए धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में औसतन 50 फीसदी अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ता है। धूम्रपान करने वाले लोगों को हर महीने लाइफ इंश्योरेंस के लिए धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में औसतन 650 रुपये से 850 रुपये तक अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ता है और यह सालाना 8,000 रुपये से 10,000 रुपये अधिक हो जाता है।

स्मोकर्स के लिए प्रीमियम की गणना

धूम्रपान करने वाले लोगों के लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम की गणना करने के लिए इंश्योरेंस कंपनियां पिछले एक महीने में ग्राहक द्वारा तंबाकू के इस्तेमाल की आवृत्ति की जानकारी लेती हैं। इसमें तंबाकू से जुड़े उत्पाद जैसे सिगार, सिगरेट या तंबाकू चबाने से जुड़ी जानकारी होती है। इस जानकारी के आधार पर कंपनियां यह फैसला लेती हैं कि ग्राहक सीजंड या ओकेजनल स्मोकर है। अंडरराइटिंग के अन्य नियमों को ध्यान में रखते हुए इंश्योरेंस कंपनियां लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी प्रीमियम पर लोडिंग (प्रीमियम में बढ़ोतरी) चार्ज करने का फैसला लेती हैं। अगर आप धूम्रपान करते हैं और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के इच्छुक हैं, तो आप पॉलिसी के प्रीमियम में होने वाली बढ़ोतरी को नजरअंदाज करते हुए अपनी धूम्रपान की लत से जुड़ी सारी जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को दें। इंश्योरेंस कंपनियां इंश्योरेंस जारी करने से पहले अक्सर ग्राहकों को मेडिकल टेस्ट कराने को कहती हैं। आप इंश्योरेंस कंपनी से भले ही यह झूठ बोल दें कि आप धूम्रपान नहीं करते, लेकिन मेडिकल टेस्ट में आपकी पोल आसानी से खुल जाएगी, भले ही आप कभी-कभी ही धूम्रपान क्यों न करते हों।

किफायती प्रीमियम देकर अपने जीवन को सुरक्षित करें

इस बात को ध्यान में रखें कि धूम्रपान करना एक अच्छी आदत नहीं है और इस वजह से अपने प्रियजनों के भविष्य को सुरक्षित करना आपका कर्तव्य बनता है। आपकी अनुपस्थिति में अपने प्रियजनों के भविष्य को वित्तीय रूप से सुरक्षित करने का सबसे आसान और बेहतरीन तरीका टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना है। हालांकि, यह देखा गया है कि प्रीमियम ज्यादा होने की वजह से धूम्रपान करने वाले लोग अक्सर टर्म लाइफ इंश्योरेंस को नजरअंदाज कर देते हैं।

एक अच्छी बात यह है कि धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए महंगे लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम की समस्या दूर करने के लिए प्रमुख लाइफ इंश्योरेंस कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने खास पेशकश की है। कंपनी ने धूम्रपान करने वाले लोगों के लिए एक विशेष टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्लान पेश किया है, जिसके लिए मेडिकल जांच की आवश्यकता नहीं होगी। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के इस प्लान का नाम पीओएस – आई-प्रोटेक्ट स्मार्ट प्लान है, जिसमें 80 प्रतिशत अप्रूवल रेट है और अन्य प्रमुख इंश्योरेंस कंपनियों की तुलना में इसका प्रीमियम भी 30 प्रतिशत कम है। एक वेतनभोगी व्यक्ति यह प्लान रु. 1 करोड़ के सम एश्योर्ड के साथ खरीद सकता है, जबकि खुद का व्यवसाय करने वाले व्यक्ति रु. 50 लाख तक के सम एश्योर्ड के साथ इसे खरीद सकेंगे। एक 35 वर्षीय वेतनभोगी व्यक्ति को इस प्लान के लिए सिर्फ रु. 1399 प्रति महीने का प्रीमियम चुकाना होगा, जिसमें उन्हें 65 वर्ष की उम्र तक रु. 1 करोड़ (अधिकतम) सम एश्योर्ड का कवरेज मिलेगा।

हालांकि, अन्य प्रमुख इंश्योरेंस कंपनियां भी बाजार में टर्म प्लान पेश करती हैं, जिसके लिए मेडिकल जांच अनिवार्य है। इनमें शामिल हैं एचडीएफसी लाइफ का सी2पीपी लाइफ ऑप्शन, मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का स्मार्ट टर्म प्लान, टाटा एआईए का महा सुरक्षा सुप्रीम और बजाज आलियांज का स्मार्ट प्रोटेक्ट गोल।

लेखक : संतोष अग्रवाल
पॉलिसी बाजार डॉट कॉम की चीफ बिजनेस ऑफिसर

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

रियल लाइफ कैरेक्टर निभाने के लिए सिर्फ स्क्रिप्ट काफी नहीं – रणदीप हुड्डा

रणदीप हुड्डा इन दिनों अपनी वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश...