देहरादून: डॉक्टरों और एलोपैथिक दवाइयों व इलाज की पद्धति का मज़ाक़ उड़ाना बाबा रामदेव को बड़ा भारी पड़ रहा है, उनके खिलाफ कई राज्यों में मुक़दमे दर्ज हो चुके हैं और अब उत्तराखंड में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राज्य इकाई ने भी पतंजलि समूह के प्रमुख स्वामी रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की.
एलोपैथी चिकित्सा प्रणाली को जाहिल विज्ञान बताया था
दरअसल यह विवाद रामदेव के उस बयान से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने आधुनिक एलोपैथी चिकित्सा प्रणाली को ‘नाकाम और जाहिल विज्ञान’ कह दिया था. इसके बाद मामला इतना बढ़ा कि रामदेव को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर खेद जताना पड़ा
सुप्रीम कोर्ट की शरण में रामदेव
गौरतलब है कि आईएमए उत्तराखंड ने बीते बुधवार को यह मांग तब की, जब रामदेव ने सुप्रीम कोर्ट की शरण लेकर अपने बयान के प्रतिरोध में दायर हो चुके कई मुकदमों की कार्रवाई पर स्टे माँगा . बिहार और छत्तीसगढ़ में आईएमए की इकाइयों द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई थीं, जिनके मद्देनज़र रामदेव को यह कदम उठाना पड़ा. रामदेव ने सुप्रीम कोर्ट से इस सिलसिले में अनुरोध किया कि सभी एफआईआर को दिल्ली ट्रांसफर किया जाए और फिलहाल इन पर कार्रवाई के मामलों पर स्टे दिया जाए.

