देश भर में इस समय पुरानी मस्जिदें विवाद का निशाना बनी हुई हैं, यह मस्जिदें मुग़ल कालीन हैं लेकिन अब सुप्रीम में एक याचिका दायर हुई है जिसमें देश के अंदर जितनी भी सौ साल पुरानी मस्जिदें हैं उन सबका सर्वे कराने की मांग की गयी है. सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका विवेक नारायण शर्मा द्वारा दायर की गयी है जिसमें मांग की गयी है कि ASI को आदेश जारी कर 100 साल पुरानी सभी प्रमुख मस्जिदों का सर्वे कराया गया है हालाँकि प्रमुख शब्द को परिभाषित नहीं किया गया है.
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इस जनहित याचिका में यह भी मांग की गयी है कि ऐसी सभी मस्जिदों के वुजूख़ाने के तालाबों और कुँओं से वुज़ू करने पर पाबन्दी लगा दी जाए और वुज़ू करने का कोई वैकल्पिक प्रतिबन्ध किया जाय ताकि सर्वे में अगर वहां पर कोई हिन्दू धर्म से जुड़ा अवशेष मिलता है तो उसे अपवित्र होने से बचाया जाय.
याचिका में आगे कहा गया है कि मुग़लों के दौर में हिन्दू, बुद्ध और जैन मंदिरों को बहुत बड़ी संख्या में तोडा गया था जहाँ पर मस्जिदें बना दी गयी थीं, इन मस्जिदों की जांच करने पर वहां से हिन्दू देवी देवताओं के अवशेष मिलेंगे। इन अवशेषों का सम्बन्ध बौद्ध और जैन धर्म से भी हो सकता है. इन अवशेषों को सहेजने, देखभाल और सम्मान करने की ज़रुरत है. इनकी वापसी के लिए सरकार को क़दम उठाना चाहिए।
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गौरतलब है कि इस तरह की याचिकाओं की बाढ़ वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मिले कथित शिवलिंग के बाद आयी है. यह शिवलिंग कमीशन की जांच में मस्जिद के वुजूख़ाने के हौज़ में मिला था. मुस्लिम पक्ष इसे बेकार पड़ा हुआ फव्वारा बता रहा है जबकि हिन्दू पक्ष शिवलिंग। केस वाराणसी जिला कोर्ट में चल रहा है. सुनवाई इस बात की हो रहे है कि मामला सुनवाई योग्य है या नहीं.

