नए साल और नई सरकार की पहली जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री भी मौजूद थे। बैठक के बाद वित्त मंत्री ने मीडिया जानकारी देते हुए बताया है कि जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी अधिनियम की धारा 73 के तहत जारी डिमांड नोटिस पर ब्याज और जुर्माना माफ करने की सिफारिश की है। इसके अलावा भारतीय रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म टिकट जैसी सेवाओं को जीएसटी से छूट दी गई है।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने सभी दूध के डिब्बों पर 12 प्रतिशत की एक समान दर की सिफारिश की है। काउंसिल ने टैक्स डिमांड नोटिस पर जुर्माने पर ब्याज माफ करने की सिफारिश की है। जीएसटी काउंसिल ने कर अधिकारियों द्वारा अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील दायर करने के लिए 20 लाख रुपये की सीमा की सिफारिश की है। इसमें हाईकोर्ट के लिए 1 करोड़ रुपये और सुप्रीम कोर्ट के लिए 2 करोड़ रुपये की सीमा तय की गई है।
जीएसटी काउंसिल ने शैक्षणिक संस्थानों के बाहर छात्रावासों के जरिए अर्जित आय को 20,000 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह छूट दी है। आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पी केशव ने शनिवार को कहा कि जीएसटी परिषद ने उर्वरक क्षेत्र को मौजूदा पांच प्रतिशत जीएसटी से छूट देने की सिफारिश मंत्रियों के समूह को भेज दी है। अब परिषद इस मुद्दे पर विचार करेगी। परिषद ने उर्वरक निर्माता कंपनियों और किसानों के हित में पोषक तत्वों और कच्चे माल पर जीएसटी कम करने पर चर्चा की। रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति ने फरवरी में इसकी सिफारिश की थी।
