ब्यूनर्स आयर्स। विश्व में अब रहस्मय निमोनिया का खतरा बढ़ रहा है। अर्जेंटीना में इस रहस्यमय निमोनिया के कारण अब तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में दो स्वास्थ्य कर्मी और एक मरीज है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अज्ञात निमोनिया के कारण मृतकों में स्वास्थ्यकर्मी और एक मरीज शामिल है। इस बीमारी को लेकर अलग अलग देशों के स्वास्थ्य वैज्ञानिकों की राय सामने आने लगी है। वैज्ञानिकों ने इसके पीछे किसी नई बीमारी या फिर किसी वायरस के सक्रिय की आशंका जताई है। जिसमें इनका कहना है कि अर्जेंटीना में किसी न्यूमोनिक बीमारी सामने आई हैं। जो दोनों फेफड़ों को प्रभावित कर रही है। इसका अब तक कोई रोगजनक कारण सामने नहीं आया है। इस बीमारी के कारण अब दुनिया के दूसरे देशों में भी दहशत फैलने लगी है।
इससे पहले चीन में रहस्यमय ढंग से फैले निमोनिया की वजह को एक नए वायरस के कारण माना गया है। चीन में इस नए वायरस के कारण निमोनिया से 59 लोगों की मौत हो चुकी है। इस संक्रमण की पुष्टि वुहान में गत 31 दिसंबर को हुई थी। इसके बाद से बेहद संक्रामक फ्लू फिर से फैलने का डर पैदा हो गया है। सरकारी प्रयोगशाला के परिणामों के आधार पर कहा गया है कि विशेषज्ञों का शुरुआती तौर पर मानना है कि इस बीमारी के पीछे नया वायरस है। इसके लिए चीन ने एक बयान जारी करके एसएआरएस की आशंका से पहले इनकार कर दिया था। गौरतलब है कि पिछले एक दशक से पहले इसकी चपेट में आकर सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी।
एसएआरएस को सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कहा जाता है। यह सांस संबंधी बीमारी है। कोरोना संक्रमण की वजह से भी सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम होता है। जुलाई 2003 के बीच में पहली बार चीन में इस वायरस का प्रकोप शुरू हुआ था।
माना जा रहा है कि दुनिया भर में अभी तक करीब आठ हजार से अधिक लोग एसएआरएस वायरस के कारण मर चुके हैं। चीन में अधिक मौतें इसी वायरस के चलते हुई हैं। चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि यह निमोनिया कोरोना वायरस के कारण फैलता है। जो कि वायरस को और अधिक संक्रामक बना देता है। एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने का बहुत अधिक खतरा होता है। कोरोना संक्रमण के चलते सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम भी होता है।
