- कंपनी के लकी ड्रा में हुआ ईशानी का चयन
- 17 जून को एम्स में लगा ईशानी को इंजेक्शन
मेरठ। डेढ़ साल की मासूम ईशानी जब बीमार पड़ी तो सामान्य बीमारी समझ माता-पिता ने डॉक्टर को दिखाया। मगर ईशानी को कोई सामान्य नहीं बल्कि दुनिया की दुर्लभ बीमारियों में से एक स्पाइनल मस्क्युलर अट्रॉफी (एसएमए) टाइप-2 थी। बीमारी असमान्य थी तो इलाज के लिए 22 करोड़ कीमत का इंजेक्शन चाहिए था।
मध्यमवर्गीय परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम चुकाना असंभव था। लोग मदद कर रहे थे मगर जरूरत बहुत बड़ी थी और समय काफी कम। लेकिन माता-पिता के संघर्ष को देख ऊपरवाले ने भी साथ दिया और इंजेक्शन निर्माता कंपनी के लकी ड्रा में चुने हुए 50 बच्चों में ईशानी का नाम भी शामिल हो गया। अब कंपनी ने 22 करोड़ रुपए का इंजेक्शन ईशानी को मुफ्त में दिया है। टीका बनाने वाली स्विटजरलैंड की कंपनी नोवार्टिस के जोलगेन्समा नामक इंजेक्शन को 17 जून को एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग में ईशानी को लगा दिया गया है।
मेरठ में ब्रह्मपुरी क्षेत्र के मास्टर कॉलोनी की रहने वाली ईशानी जब नौ महीने की हुई तो उसके हाथ-पैरों ने काम करना बंद कर दिया। 12 जनवरी 2021 को गंगाराम हॉस्पिटल में हुई जांच के बाद डॉक्टर ने ईशानी में एसएमए टाइप-2 की पुष्टि की। इसके बाद ईशानी का इलाज एम्स दिल्ली में चला औऱ डॉक्टर ने बताया कि दुर्लभतम बीमारी के इलाज करने के लिये 16 करोड़ का इंजेक्शन चाहिये जो टैक्स मिलाकर 22 करोड़ का बैठेगा। इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए ईशानी के माता- पिता ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। मगर समय गुजरता जा रहा था औऱ जरूरी रकम का इंतजाम नहीं हो पा रहा था।
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इस बीमारी का टीका बनाने वाली कंपनी नोवार्टिस है जो स्विटजरलैंड की है। यह कंपनी हर साल 50 रोगियों को मुफ्त टीका लगाती है। कंपनी के लकी ड्रॉ में मेरठ की ईशानी चयनित हो गई। औऱ 17 जून को एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग में ईशानी को यह इंजेक्शन लगाया गया। बच्ची अब तीन से छह महीने के ऑब्जर्वेशन में रहेगी। डॉक्टरों की हिदायत के बाद परिजन ईशानी को अभी मेरठ लेकर नहीं आए हैं।