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नोवाक का पूरा हुआ सपना, मिल गया ओलम्पिक गोल्ड

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टेनिस के महान खिलड़ियों में से एक नोवाक जोकोविच ने पेरिस के कोर्ट फिलिप-चैटियर में पुरुष टेनिस एकल फाइनल में कार्लोस अल्काराज़ को 7-6 (3), 7-6 (2) से हराकर अपना पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता, 37 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी के टेनिस कैरियर की ये सबसे शानदार और महत्वपूर्ण कामयाबी है क्योंकि नोवाक जोकोविच की झोली में टेनिस के सभी तरह के मेडल और ट्रॉफी मौजूद हैं जिसमें 24 ग्रैंड स्लैम खिताब भी हैं लेकिन बस कमी थी तो एक ओलम्पिक गोल्ड की जो आज पूरी हो गयी.

विश्व नंबर एक 37 वर्षीय नोवाक जोकोविच ने अपने से 16 साल कम उम्र स्पेन के कार्लोस अल्काराज़ को हराने के लिए अपना सारा अनुभव मैच में डालना पड़ा. जोकोविच ने भले ही मैच सीधे सेटों में जीता लेकिन दोनों सेट टाई ब्रेकर में गया और रोलां गैरों पर सर्बियन टेनिस स्टार का टाई ब्रेकर रिकॉर्ड शानदार है. यही वजह रही कि दोनों पर टाई ब्रेकर जीतने में उन्हें ज़्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा.

जोकोविच 1908 के बाद से अपने खेल में एकल स्वर्ण जीतने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गए हैं. ढाई घंटे से ज़्यादा समय तक चले फाइनल में जोकोविच ने स्पेन के 21 वर्षीय अल्काराज़ को सबसे कम उम्र का बनने से रोक दिया। जोकोविच ने अपने शानदार करियर में कभी ओलंपिक स्वर्ण पदक नहीं जीता था – बीजिंग 2008 में कांस्य पदक उनका सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक प्रदर्शन था जबकि अल्काराज़ अपने पहले ओलंपिक में फाइनल में पहुंच गए और सिल्वर मैडल हासिल कर लिया। ये मुकाबला बैटल ऑफ़ जेनेरेशन बताया जा रहा था क्योंकि दोनों की उम्र में एक पीढ़ी का फर्क थी. तीन सप्ताह पहले विंबलडन फाइनल में अल्काराज़ ने जोकोविच को सीधे सेटों में हराया था।

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