महाराष्ट्र में सियासी बगावत के बाद अब तकनीकी और कानूनी जंग की शुरुआत हो चुकी है. इस पूरे घटनाचक्र में विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण हो चुकी है एयर इसीलिए शिवसेना का बागी गुट चाहता है कि अविश्वास प्रस्ताव लेकर सदन के उपाध्यक्ष को हटाया जा सके और इस कोशिश में एक गुमनाम आई डी से ई-मेल के जरिया एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले डिप्टी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जिसे ख़ारिज कर दिया गया.
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शिवसेना के 38 विधायकों का दावा करने वाले बागी गट के अविश्वास प्रस्ताव में 33 विधायकों के हस्ताक्षर बताये जा रहे हैं, अविश्वास प्रस्ताव को शिवसेना के लेटर हेड पर भेजा गया है मगर शिव सेना के आधिकारिक लेजिस्लेचर पार्टी के नेता अजय चौधरी हैं न कि एकनाथ शिंदे। अविश्वास प्रस्ताव ख़ारिज होने की सबसे बड़ी वजह है कि यह प्रस्ताव उपाध्यक्ष के कार्यालय में नहीं जमा किया गया है. ख़बरों के मुताबिक प्रस्ताव ख़ारिज होने पर शिंदे गुट अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाला है.
उधर शिवसेना के बागी गुट के 16 विधायकों को सदस्यता रद्द करने के नोटिस भेजे जा रहे हैं. उन्हें सोमवार तक व्यक्तिगत रूप से या फिर अपने वकील के द्वारा पेश होने को कहा गया है. अयोग्यता याचिका में जिन विधायकों के नाम शामिल हैं उनमें महेश शिंदे, अब्दुल सत्तार, बालाजी देवीदासराव कल्याणकर, एकनाथ शिंदे, तानाजी सावंत, प्रकाश सुर्वे, संदीपनराव भुमरे, भरत गोगावले, संजय शिरसत, यामिनी जाधव, अनिल बाबर, लताबाई चंद्रकांत सोनावने समेत चार दूसरे विधायक शामिल हैं. इन विधायकों को पार्टी की बैठक में शामिल नहीं होने के कारण अयोग्यता नोटिस जारी किये गए हैं.
