- आईसीसी खिलाड़ियों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए गेंद पर पसीने और थूक लगाने की प्रक्रिया पर बैन लगा सकती है
- पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वॉर्न ने कहा- क्रिकेट बॉल को टेनिस या लॉन बॉल की तरह एक तरफ से भारी करना चाहिए
नई दिल्ली।कोरोना वायरस ने क्रिकेट की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. लेकिन जब खेल की दोबारा शुरुआत होगी तो ऐसा माना जा रहा है कि क्रिकेट पूरी तरह बदला हुआ होगा. रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं कि आईसीसी खिलाड़ियों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए गेंद पर पसीने और थूक लगाने की प्रक्रिया पर बैन लगा सकती है. इसी के मद्देनजर अब थूक और पसीना का विकल्प भी तैयार होना शुरू हो चुका है. खबर है कि ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट गेंद निर्माता कंपनी कूकाबुरा लार और पसीने के विकल्प के तौर पर जल्द ही ‘वैक्स एप्लिकेटर’ तैयार करेगा जो कोविड-19 के बाद के क्रिकेट जगत में गेंदबाजों को गेंद चमकाने में मदद करेगा.
‘वैक्स एप्लिकेटर’ तैयार हो रहा
रिपोर्टों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) गेंद को चमकाने के लिये अंपायरों की निगरानी में कृत्रिम चीजों का उपयोग करने की अनुमति देने पर विचार कर रही है. इस स्थिति में कूकाबुरा ने ‘वैक्स एप्लिकेटर’ तैयार करने की शुरुआत कर दी है जो कि एक महीने के अंदर तैयार हो जाएगा. कूकाबुरा समूह के प्रबंध निदेशक ब्रेट इलियट ने पीए समाचार एजेंसी से कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में कूकाबुरा का शोध एवं विकास केंद्र गेंद को चमकाने के पारंपरिक तरीके के विकल्प को तैयार करने पर काम कर रहा है. हमने क्रिकेट गेंद को चमकाने के लिये खास तरह का वैक्स फार्मूला तैयार किया है. ‘ उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ी या अंपायर गेंद को चमकाने के लिये इस स्पंजनुमा वस्तु को उस पर लगाएंगे जिसके बाद गेंदबाज अपनी गेंद को पोशाक पर रगड़कर पारंपरिक तरीके से उसे चमका सकता है.’
कैसा होगा एप्लीकेटर?
ब्रेट के मुताबिक, “स्पंज के ऊपरी हिस्से पर खास तरह के मोम की परत होगी. इसे प्लेयर्स या अंपायर्स आसानी से जेब में रख सकेंगे. बता दें कि ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट ने साफ कर दिया है कि भविष्य में गेंद चमकाने के लिए थूक, पसीने या लार का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
बॉल टेम्परिंग भी जड़ से खत्म होगी
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर शेन वार्न भी अब कोरोनावायरस के बाद क्रिकेट में गेंद को चमकाने के लिए लार या पसीने का इस्तेमाल करने या नहीं करने की बहस में शामिल हो गए हैं. उन्होंने सभी से हटकर बॉल का एक साइड से वजन बढ़ाने की सलाह दी है. वार्न ने कहा है कि ऐसा करने से तेज गेंदबाज को फ्लैट विकेट पर भी लगातार स्विंग मिलती रहेगी और बॉल टेम्परिंग भी जड़ से खत्म हो जाएगी.
मशीन बनकर रह जाएंगे गेंदबाज
एक चैनल से बातचीत में हरभजन सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए पिचों को बनाया जाना चाहिए, ताकि एक गेंदबाज को मदद मिल सके. उन्होंने कहा कि यदि अपनी गेंदबाजी में सुधार लाने के लिए गेंदबाज गेंद को शाइन नहीं सकता तो उन्हें कम से कम पाटा विकेट नहीं देना चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता तो गेंदबाज एक गेंदबाजी मशीन बनकर रह जाएंगे और क्रिकेट सिर्फ बल्लेबाजों का मैच बन जाएगा.
नए नियमों के अनरूप खुद को ढालना होगा
ऑस्ट्रेलियाई रन मशीन मार्नस लाबुशेन ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बाद गेंद को चमकाने के लिए वह लार का इस्तेमाल छोड़ने को तैयार हैं. क्योंकि खिलाड़ियों को नए नियमों को अपनाने के लिए तैयार रहना होगा.कोरोना महामारी से उबरने के बाद खेल की बहाली होने पर संक्रमण से बचने के लिए गेंद पर लार का इस्तेमाल रोकने की अटकलें लगाई जा रही हैं. लाबुशेन ने ‘सिडनी मार्निंग हेराल्ड’ से कहा, ‘हमारा लक्ष्य मैदान पर लौटना है और इसके लिए जो भी बदलाव करने पड़े, करने चाहिए।.हम खिलाड़ियों को नए नियमों के अनुरूप खुद को ढालना होगा.’इस बल्लेबाज हरफनमौला ने हालांकि स्वीकार किया कि यह अटपटा लगेगा क्योंकि मैदान पर गेंद पर लार लगाना आदत में शुमार हो गया है.

