नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election 2024) को लेकर दलों की तैयारी शुरू है। भाजपा को उम्मीद है कि नरेंद्र मोदी हैट्रिक लगाएंगे। दूसरी ओर विपक्षी लामबंद होने के साथ मोदी के विजय रथ को रोकने की पूरी कोशिश में जुट है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार का कांग्रेस पर दिया बयान काफी चर्चा में हैं।
नीतीश कुमार ने कहा है कि भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस को आगे आना चाहिए और विपक्षी एकजुटता में देरी नहीं करनी चाहिए। नीतीश के बयान से संदेश साफ है कि भले कांग्रेस अंदर से कितनी टूटी हो, मगर विपक्षी पार्टियां 2024 में भाजपा का मुकाबला कांग्रेस के बिना नहीं कर सकती है।
कांग्रेस को लेकर गुहा के दावे की अनदेखा नहीं
हाल ही में इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने अपनी किताब इंडिया आफ्टर गांधी के तीसरे संस्करण के विमोचन के मौके पर कहा था कि भारत में अच्छे लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए कांग्रेस का प्रतिस्पर्धी रहना जरूरी है। गुहा ने कहा था कि केवल मार्च निकालकर नहीं बल्कि कांग्रेस को चुनाव में वोट भी हासिल करने होंगे। उसको अपना वर्चस्व वापस पाना चाहिए।
गुहा ने कहा कि अन्य सभी दलों के बीच कांग्रेस ही वह पार्टी थी जिसने 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को 191 सीट पर टक्कर दी थी। उन्होंने दावा किया कि 2024 के आम चुनावों में ऐसा होगा। इस बार जेडीयू, आप, डीएमके और टीएमसी जैसे दल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, नई दिल्ली, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भाजपा के खिलाफ कोई मौका नहीं छोड़ेगे।
भारत जोड़ो यात्रा राहुल गांधी के लिए संजीवनी
भारत जोड़ो यात्रा के बाद राहुल गांधी की इमेज बदल गई है। दरअसल राहुल गांधी ने यात्रा के दौरान देश के सभी राज्यों के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने आम लोगों को गले लगाया, उनके दुख दर्द को सुना और लोगों के साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
राहुल के बदले अंदाज की सोशल मीडिया में चर्चा हुई और इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अच्छा खासा समर्थन मिला है। इसी कारण उम्मीद की जा रही है कि कांग्रेस को इसका लाभ 2024 के चुनाव में मिल सकता है।
