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करदाताओं को निर्मला सीतारमण ने किया निराश, नहीं किया कोई बदलाव

income tax

वैसे तो हर बजट में आय करदाताओं की सरकार से बड़ी अपेक्षाएं होती हैं लेकिन चुनाव पूर्व वाले बजट में कुछ ज़्यादा ही हो जाती हैं. भले ही निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया ये मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखरी बजट है लेकिन इनकम टैक्स पेयर्स विशेषकर नौकरीपेशा लोगों को जो टैक्स के दायरे में आते हैं उन्हें वित्त मंत्री से बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन निर्मला सीतारमण ने ऐसे लोगों को बहुत निराश किया क्योंकि इस बजट में करदाताओं को कोई नई छूट नहीं दी गई है. इसका मतलब ये हुआ कि इनकम टैक्स स्लैब में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है.

वित्त मंत्री के इस एलान के बाद सोशल मिडिया पर तरह तरह के कमेंट्स चल रहे हैं. निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में सरकार की 10 साल उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि जब मोदी सरकार केंद्र की सत्ता में आई थी तब देश में 2.2 लाख रुपए की आय ही टैक्स फ्री होती थी. लेकिन मोदी कार्यकाल में अब न्यू टैक्स रिजीम में 7 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री हो चुकी है. सरकार ने टैक्स की दरों को कम करने के साथ ही उनकी स्लैब्स को reasonable बनाया है. निर्मला सीतारमण के इस एलान के बाद अब न्यू टैक्स रिजीम में 7 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री होगी. जबकि पचास हज़ार रुपए के स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा. बता दें कि ओल्ड टैक्स रिजीम में 2.5 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री होती है लेकिन आम आदमी को 5 लाख रुपए तक की इनकम पर टैक्स रिबेट मिलती है.

मोदी सरकार के पिछले 10 साल की बात करें तो आम आदमी के अलावा कॉरपोरेट को भी डायरेक्ट टैक्स में फायदा मिला है. मोदी सरकार ने बीते 10 साल में घरेलू कंपनियों के कॉरपोरेट टैक्स को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत तक लाया गया है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली नई कंपनियों के लिए ये अभी 15 प्रतिशत है.

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