Nithari Case: 27 मई को आएगा बहुचर्चित निठारी कांड मामले में फैसला, गवाह की अर्जी हुई खारिज

 
निठारी कांड

नोएडा। बहुचर्चित निठारी कांड के मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंद्र कोहली के खिलाफ कुल 16 मामले दर्ज हुए थे। जिनमें से एक मामले में नंदलाल नाम के एक शख्स ने अपनी 22 वर्षीय बेटी की हत्या का भी मामला दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी पायल अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई। जिसका मोबाइल सुरेंद्र कोहली के पास से बरामद हुआ। उसके बाद ही मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी नंबर डी पांच में जब अन्य 15 बच्चों की हत्या के कंकाल बरामद हुए तो वहीं पर पायल के कपड़े भी बरामद हुए जिसके बाद दोनों के खिलाफ नंदलाल ने भी मुकदमा दर्ज कराया था।

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नंदलाल ने बाकायदा शुरू में उसने दोनों के खिलाफ बयान दिया था। लेकिन बाद में नंदलाल ने अपने बयानों से मुकरते हुए झूठा बयान कोर्ट में दिया। जिसके बाद नंदलाल के खिलाफ सीबीआई जज रमा जैन बनाम नंदलाल मुकदमा दर्ज हुआ। तभी से यह मामला गाजियाबाद में चल रहा है। जिसका रिवीजन नंदलाल ने जिला न्यायाधीश के यहां दाखिल किया था। लेकिन जिला न्यायाधीश जितेंद्र सिन्हा ने अपने बयानों से मुकरने वाले नंदलाल की रिवीजन अर्जी को खारिज कर दिया है। साथ ही जिला जज ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट 3 को आदेश दिया है कि तय तिथि 27 मई को मामले की अंतिम सुनवाई की जाए। यानी इस मामले में अब 27 मई को ही फैसला आना है।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता खालिद खान ने बताया कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तीन की अदालत ने नंदलाल की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी। इस आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में रिवीजन अर्जी दाखिल की गई थी। जिस पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अर्जी कब खारिज कर दी है। उन्होंने बताया कि रिवीजन की अर्जी को खारिज कर जिला जज ने 27 मई को मामले में अंतिम सुनवाई किए जाने के आदेश दिए हैं। खालिद ने बताया कि यह पूरा मामला परजरी यानी कोर्ट के सामने बयान बदलते हुए झूठे बयान दर्ज कराने के मामले में नंदलाल के खिलाफ ही सीबीआई जज रमा जैन ने नन्दलाल के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया था और तभी से मामले की सुनवाई गाजियाबाद कोर्ट में चल रही है। खालिद खान ने बताया कि निठारी कांड के सभी 16 मामलों में सीबीआई कोर्ट फैसला सुना चुकी है।जिस मामले में नंदलाल पर बयान से मुकरने का आरोप है।कि इन झूठे बयानों के आधार पर ही मोनिंदर सिंह पंढेर बरी हो चुका है।

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बहरहाल इस मामले में न्यायालय ने नंदलाल को दोषी मानते हुए नंदलाल के रिवीजन को खारिज किया है। जिसका फैसला 27 मई को आने की संभावना है। खालिद खान का कहना है कि इस मामले में 7 साल तक की सजा का भी प्रावधान है और जिस तरह से कोर्ट के सामने अपने पहले बयान बदलते हुए झूठे बयान नंदलाल ने दर्ज कराए।इसी को आधार मानते हुए नंदलाल के खिलाफ कोर्ट की तरफ से ही यह मामला चल रहा है। उन्होंने बताया कि भले ही मोनिंदर सिंह पंढेर बरी हो चुके हैं।लेकिन उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाला और अपने झूठे बयान देकर बयान बदलने वाले नंदलाल को सजा अवश्य हो सकती है।