Independence Day 2022: आजादी के अमृत महोत्सव की 75 वीं वर्षगांव पर जेल में बंद बंदियों के हाथ बने तिरंगे लहराएंगे

 
Independence Day 2022

गाजियाबाद। डासना जेल के बंदी और कैदी इन दिनों तिरंगा बनाने का काम कर रहे हैं। जेल प्रशासन के अनुसार इस बार अभी तक 12 हजार तिरंगा झंड़ा इन बंदियों द्वारा बनाए जा चुके हैं। जेल के बंदी कारीगरों को अभी करीब 50 हजार तिरंगा बनाए जाने का लक्ष्य दिया गया है। जेल की चाहरदीवारी के भीतर करीब 50 बंदी कारीगरों की टीम तिरंगा बनाने के काम में जुटी हुई है। तिरंगा बनाने वाली टीम इस काम को कर बेहद उत्साहित है। इन सभी तरंगों का उपयोग आजादी की 75 वीं वर्षगांठ को अमृत महोत्सव के माध्यम से खास अंदाज में मनाने के लिए किया जाएगा। केंद्र सरकार के अनुसार करीब 25 करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारी हो रही है। इसी को लेकर हर जिले में बड़ी संख्या में तिरंगा झंडे बनाए जा रहे हैं। 

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इस मामले की जानकारी देते हुए गाजियाबाद डासना जेल के जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार आजादी की 75 वीं वर्षगांठ 13 अगस्त से 15 अगस्त तक घर घर तिरंगा फहरा कर मनाने की योजना बना रही है। जिसके लिए हापुड़ की जिलाधिकारी की तरफ से दस हजार और रोटरी क्लब गाजियाबाद की ओर से दो हजार राष्ट्रीय ध्वज बनाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इसके लिए जेल में बंद बंदियों में पेशे से दर्जी की तलाश की गई। इनमें पता चला कि वर्ष 2012 से पत्नी की हत्या के आरोप में बदायूं का रहने वाला बंदी दिनेश उर्फ गुड्डू एवं पति की हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रही मेहसर पेशे से दर्जी हैं। सबसे पहले उन्हें ध्वज बनाने के बारे में बताया गया। उसके बाद इन लोगों ने करीब सौ बंदियों को तिरंगा बनाने का प्रशिक्षण दिया। अब इनके निर्देशन में करीब 50 बंदी कारीगरों की टीम लगातार राष्ट्रीय ध्वज बनाने की  तैयारी में जुटी है। उन्होंने कहा कि बंदियों के द्वारा बनाये रष्ट्रीय ध्वज हर घर तिरंगा योजना का हिस्सा बनेंगे। यह डासना जेल के लिए सौभाग्य की बात है।उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक राष्ट्रीय ध्वज बनाए जाने के लिए प्रयास किए हैं और बड़ी बात यह है कि राष्ट्रीय ध्वज बनाने वाली टीम भी बेहद उत्साहित है।