Shocking News: लाली की मौत पर जुटे गांव के 500 लोग, विधिवत तेरहवीं में हुआ भोज

 
Shocking News

लखनऊ। प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक अनोखा तेरहवीं भोज मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है। यह तेरहवीं भोज लाली नामक मुर्गे का है। प्रतापगढ़ में आयोजित हुए इस तेरहवीं कार्यक्रम में गांव के करीब 500 से अधिक लोग जुटे और उन्होंने भोग किया। मुर्गे की मौत के बाद जब उसके मालिक ने उसका अंतिम संस्कार कर तेरहवीं भोज का आयोजन किया था। इससे इलाके के लोग हैरान हैं। मुर्गे का नाम लाली था। प्रतापगढ़ जिला के थाना फतनपुर क्षेत्र के बेहदौल कला गांव का है। जहां डॉ. शालिकराम अपना क्लीनिक चलाता है। उसने घर पर बकरी और एक मुर्गा पाला हुआ है। मुर्गे से पूरा परिवार प्यार करता है। मुर्गे का नाम लाली रखा हुआ है। एक कुत्ते ने डॉ. शालिकराम की बकरी के बच्चे पर हमला किया तो मुर्गा लाली कुत्ते से भिड़ गया। बकरी का बच्चा तो बच गया मगर लाली को कुत्ते ने घायल कर दिया। इसके बाद लाली ने दम तोड़ दिया।

Read also: Uttarakhand Politics: सीएम धामी की ये महिला मंत्री एक बार फिर से चर्चा में,कांग्रेस ने साधा निशाना

मुर्गे लाली की मौत के बाद घर के पास उसका शव दफना दिया। यहां तक सब सामान्य था मगर जब डॉ. शालिकराम ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मुर्गे की तेरहवीं की घोषणा की तो लोग चौंक गए। इसके बाद अंतिम संस्कार के कर्मकांड हुए। सिर मुंडाने से लेकर अन्य कर्मकांड पूरे किए। सुबह से हलवाई तेरहवीं का भोजन तैयार करने में जुटे। शाम छह बजे से रात करीब दस बजे तक गांव और क्षेत्र के करीब 500 से अधिक लोगों ने तेरहवीं में खाना खाया। इसकी चर्चा दूसरे इलाके में बनी हुई है।