Mulayam Sadhna Love Story: 20 साल छोटी साधना को जब राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी मुलायम अपना दिल बैठे

 
Mulayam Sadhna Love Story

लखनऊ। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का गुडगांव के मेदांता में निधन हो गया। वह पिछले कुछ महीने से बीमार चल रही थी। 62 साल की साधना गुप्ता इटावा के बिधुना की रहने वाली थी। 
मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी की मृत्यु 2003 में हुई थी। उसके बाद मुलायम ने साधना गुप्ता को अपनी पत्नी का दर्जा दिया था। हालांकि इससे पहले ही साधना के बेटे प्रतीक यादव के स्कूल में पिता का  नाम मुलायम सिंह यादव लिखा जाता था। 
साधना की शादी 4 जुलाई साल 1986 को फर्रुखाबाद के व्यापारी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई। इसके एक साल बाद सात जुलाई 1987 को साधना ने प्रतीक यादव को जन्म दिया। प्रतीक के जन्म के दो साल बाद ही  साधना और चंद्रप्रकाश दोनों अलग हो गए। दोनों के बीच तलाक हो गया। 

पति चंद्र प्रकाश गुप्ता से अलग होने के बाद साधना गुप्ता राजनीति में कदम बढ़ाने लगी। वह सपा की कार्यकर्ता थीं। इसी दौरान साधना गुप्ता की मुलाकात मुलायम सिंह यादव से हुई तो दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ी। मुलायम की मां मूर्ती देवी  बीमार रहती थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया । उस दौरान साधना गुप्ता मूर्ति देवी की देखभाल करती थीं। एक बार सैफई मेडिकल कॉलेज में एक नर्स मूर्ति देवी को गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी, उस समय साधना ने नर्स को रोका था। दरअसल, साधना पहले एक नर्स रही थीं। उन्होंने नर्सिंग का कोर्स करने के बाद कुछ दिनों तक नर्सिंग होम में काम किया था। जब ये बात मुलायम को मालूम हुई तो वो साधना से प्रभावित हुए। 

Read also: South Africa Bar Firing News: साउथ अफ्रीका में बार के अंदर गोलीबारी, 14 की मौत

शुरुआत में अमर सिंह इकलौते ऐसे व्यक्ति थे जो जानते थे कि मुलायम को प्यार हो गया है। उन्होंने किसी से कहा नहीं। साल 1988 में पहली बार मुलायम ने अखिलेश यादव को साधना गुप्ता से मिलवाया। उस समय अखिलेश 15 साल के थे। कहा जाता है कि उस समय अखिलेश को साधना अच्छी नहीं लगीं। एक बार तो साधना ने उन्हें थप्पड़ तक मार दिया था। इसके बाद मुलायम ने अखिलेश को पढ़ाई के लिए धौलपुर मिलिट्री स्कूल भेज दिया।

1987 में पति से अलग होकर साधना मुलायम की जिंदगी में आ गईं। दोनों की मुलाकातें बढ़ती गई और प्यार भी। इसी बीच साधना मुलायम के लिए लकी साबित हुईं। 1989 में मुलायम सिंह यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। मुलायम सिंह ने वर्ष 2003 में सार्वजनिक तौर पर पहली बार साधना गुप्ता को अपनी पत्नी का दर्जा दिया। इसी साल मुलायम की पहली पत्नी और अखिलेश यादव की मां मालती देवी का निधन हुआ। साधना गुप्ता को पत्नी स्वीकारने पर अखिलेश यादव पिता से नाराज हुए थे। 

साधना गुप्ता को पत्नी बनाने के बाद अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम से नाराज हो गए। कहा जाता है कि समझौता हुआ था कि साधना का बेटा प्रतीक राजनीति से दूर रहेंगा। साधना को भी राजनीति से दूर रहना होगा। हालांकि,बाद में साधना गुप्ता की बहू और प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव ने राजनीति में कदम रखा। अपर्णा विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं। अपर्णा भाजपा में हैं।